पुलिस के जागरूकता अभियान ने खड़ी की नई बहस, नेता ने दी सफाई
मिर्जापुर, 31 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में पुलिस का चेन स्नैचिंग रोकने के लिए चलाया जा रहा जागरूकता अभियान एक राजनीतिक विवाद का शिकार बन गया। कछवा थाना क्षेत्र के चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए पोस्टरों में सात संदिग्ध अपराधियों की तस्वीरें और नाम थे, लेकिन सबसे ऊपर BJP के मझवां मंडल उपाध्यक्ष भोनू सिंह की फोटो देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर वायरल होते ही यह मामला गरम हो गया, और विपक्षी दलों ने भाजपा पर तंज कसना शुरू कर दिया।

पोस्टर में भोनू सिंह को चेन स्नैचरों और लुटेरों की सूची में पहले नंबर पर दिखाया गया, जो 2014 में नाबालिग अवस्था में मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले में आरोपी हैं। क्षेत्राधिकारी सदर अमर बहादुर ने बताया कि यह अभियान पिछले 15 वर्षों से चलाया जा रहा है, जिसमें चोरी, स्नैचिंग और लूट के मामलों में वांछित अपराधियों की सूची जारी की जाती है। पोस्टर कछवा क्षेत्र में लगाए गए थे, ताकि अपराधियों पर नजर रखी जा सके और जनता सतर्क रहे।
BJP में हड़कंप, विपक्ष ने घेरा
भाजपा संगठन में इस घटना से हड़कंप मच गया। मंडल स्तर के पदाधिकारियों ने आपात बैठक बुलाई, जबकि जिला नेतृत्व ने पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा। विपक्षी कांग्रेस ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “मिर्जापुर पुलिस ने चेन लुटेरों के पोस्टर जारी किए, जिसमें BJP मंडल उपाध्यक्ष भोनू सिंह पहले नंबर पर हैं। अब तो भाजपा सरकार भी मान रही है कि अपराध में भाजपाई नंबर वन हैं।” इस ट्वीट ने हजारों रीट्वीट बटोर लिए और जिले की राजनीति को और गर्मा दिया।
भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर नेता सफाई देने में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर भोनू सिंह ने अपना फेसबुक प्रोफाइल अपडेट किया, जिसमें खुद को मंडल उपाध्यक्ष बताया गया है।

नेता ने दी सफाई, पुलिस जांच करेगी
मामले में आरोपी बने भोनू सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि 2014 का मामला नाबालिग अवस्था का है, जब मोटरसाइकिल चोरी का केस दर्ज हुआ था। यह कोर्ट में विचाराधीन है और चेन स्नैचिंग से उनका कोई लेना-देना नहीं। उन्होंने कहा, “यह पुराना झगड़ा है, राजनीतिक साजिश हो सकती है। मैं भाजपा का सक्रिय सदस्य हूं और पार्टी के लिए काम करता रहूंगा।” सिंह ने पोस्टर हटाने की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। यदि गलती हुई तो पोस्टर संशोधित कर लिए जाएंगे। एसपी (सिटी) ने बताया कि अभियान का उद्देश्य अपराध रोकना है, न कि राजनीति। लेकिन इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और राजनीतिक संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि ऐसे पोस्टरों से अपराध तो कम होगा, लेकिन सियासी ड्रामा बढ़ेगा।
यह विवाद योगी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के बीच आया है, जहां चेन स्नैचिंग पर सख्ती के निर्देश दिए गए हैं। मिर्जापुर पुलिस अब और सतर्क हो गई है, ताकि भविष्य में ऐसी चूक न हो।







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