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फरीदपुर में एड्स जागरूकता का बड़ा अभियान—युवाओं ने संभाली समाज को जागरूक करने की कमान

फरीदपुर में एड्स जागरूकता का बड़ा अभियान—युवाओं ने संभाली समाज को जागरूक करने की कमान

बरेली। विश्व एड्स दिवस पर फरीदपुर के भुता ब्लॉक ग्रामीण क्षेत्र में सोमवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने साबित कर दिया कि समाज को बदलने की ताकत सबसे अधिक युवाओं में है। ठाकुर रोशन सिंह इंटर कॉलेज, चठिया फैजू में आयोजित एक दिवसीय सामान्य शिविर न सिर्फ जागरूकता का मंच बना, बल्कि एड्स के ख़िलाफ़ जन-अभियान का प्रखर संदेश भी बनकर उभरा।

युवाओं का उत्साह—जागरूकता की नई मिसाल

शिविर की शुरुआत विद्यालय के प्रबंधक डॉ. हरि ओम सिंह राठौर ने दीप प्रज्वलन और संबोधन के साथ की। उन्होंने कहा कि एड्स जैसे संवेदनशील विषय पर समाज की चुप्पी तोड़ना बेहद ज़रूरी है।
डॉ. राठौर का संदेश सीधा और मजबूत था—
“एड्स जानकारी की कमी से फैलता है, जागरूकता ही सबसे बड़ा टीका है। युवा आगे आएंगे, तभी समाज सुरक्षित होगा।”

उनकी प्रेरणा से स्वयंसेवकों और स्वयंसेविकाओं में ऐसा उत्साह भर गया कि पूरा कॉलेज परिसर ऊर्जा से भर उठा। लड़के-लड़कियों के चेहरे पर जिम्मेदारी की चमक और बदलाव का दृढ़ संकल्प साफ दिखाई दे रहा था।

फरीदपुर में एड्स जागरूकता का बड़ा अभियान—युवाओं ने संभाली समाज को जागरूक करने की कमान

गांव की गलियों में गूंजे जागरूकता के नारे

संबोधन के बाद कॉलेज से एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में युवा हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर चल रहे थे। ग्रामीणों की भीड़ खिड़कियों और दरवाज़ों से झांककर यह संदेश सुन रही थी।
रैली में गूंजते नारे—
“एड्स का ज्ञान, बचाए जान”,
“जन-जन ने यह ठाना है, एड्स को भगाना है”
ने पूरे क्षेत्र का माहौल बदल दिया। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने रैली का अभिवादन भी किया।

फरीदपुर में एड्स जागरूकता का बड़ा अभियान—युवाओं ने संभाली समाज को जागरूक करने की कमान

कार्यक्रम अधिकारी के नेतृत्व में सफल आयोजन

इस पूरे अभियान का संचालन कार्यक्रम अधिकारी मेम्बर सिंह यादव ने किया। उनकी रणनीति, अनुशासन और टीमवर्क का असर साफ दिखा—हर स्वयंसेवक की भूमिका तय, हर सेक्शन व्यवस्थित।

स्वयंसेवक—जीतू, अरुण, विकास, लवकुश, मोहित, सुरेंद्र, शुभनेश, मुनेंद्र, पुष्पेंद्र
और स्वयंसेविकाएं—किरन, रिया, मीनाक्षी, शीतू, अंशू, दिव्या
ने जन-जागरूकता संदेश को घर-घर पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनके उत्साह ने इस शिविर को एक साधारण कार्यक्रम से एक सशक्त सामाजिक आंदोलन में बदल दिया।

फरीदपुर में जागरूकता का नया अध्याय

ग्रामीण क्षेत्र में अक्सर एड्स जैसे मुद्दों पर बातचीत हिचकिचाहट का विषय रहता है, लेकिन इस शिविर ने यह धारणा बदल दी। कॉलेज परिसर से उठी यह आवाज दूर तक पहुंची और लोगों को सोचने पर मजबूर कर गई

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