पुलिस और जनता ने मिलकर निकाली रैली, स्लोगन लिखे पतंगों पर – “सुरक्षित मांझा, सुरक्षित जीवन”
सहारनपुर, 21 जनवरी 2026 सहारनपुर में पतंगबाजी के मौसम में एक बार फिर चाइनीस मांझे का खतरा लोगों के सामने आया है। इस खतरनाक मांझे से हर साल कई लोगों की जान जा रही है और गंभीर चोटें हो रही हैं। इसे देखते हुए सहारनपुर पुलिस ने जनता के सहयोग से बड़ा जागरूकता अभियान चलाया, जिसका मकसद लोगों को चाइनीस मांझे के घातक प्रभावों से अवगत कराना और सुरक्षित मांझे के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना था।
अभियान का नेतृत्व क्षेत्राधिकारी प्रथम अमित कुमार श्रीवास्तव और कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक नेमचंद सिंह ने किया। पुलिस की इस पहल में स्थानीय नागरिकों ने खुलकर साथ दिया। अभियान के दौरान लोगों को बताया गया कि चाइनीस मांझा कितना खतरनाक है – यह न सिर्फ पतंगबाजों के लिए जानलेवा है, बल्कि सड़क पर चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और यहां तक कि पक्षियों के लिए भी बड़ा खतरा बन जाता है।

जागरूकता अभियान में क्या-क्या हुआ?
- पतंगों पर स्लोगन लेखन: लोगों ने हाथों में पतंगें पकड़ीं और उन पर जागरूकता वाले संदेश लिखे। कुछ लोकप्रिय स्लोगन थे –
- “चाइनीस मांझा नहीं, जान का दुश्मन है”
- “सुरक्षित मांझा, सुरक्षित कल”
- “पतंग उड़ाओ, पर जान बचाओ”
- “चाइनीज मांझा बैन करो, जीवन सुरक्षित रखो”
- जन जागरूकता रैली: कोतवाली क्षेत्र में एक बड़ी रैली निकाली गई। इसमें सैकड़ों की संख्या में युवा, बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हुए। रैली में लोग नारे लगाते हुए आगे बढ़े और चौराहों पर रुककर लोगों को जागरूक किया।
- पुलिस की अपील: क्षेत्राधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने कहा, “चाइनीज मांझा सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि मौत का फंदा है। हम हर साल कई हादसे देखते हैं। इस अभियान का मकसद है कि लोग सुरक्षित और परंपरागत मांझे का इस्तेमाल करें।”
प्रभारी निरीक्षक नेमचंद सिंह ने बताया कि पुलिस ने अभियान के दौरान चाइनीज मांझे की बिक्री पर भी नजर रखी और कई दुकानदारों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार चाइनीज मांझा बेचना और इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चाइनीज मांझा क्यों खतरनाक है?
- ग्लास कोटिंग: चाइनीज मांझे में कांच की महीन परत चढ़ी होती है, जो बहुत तेज होती है।
- गर्दन कटने का खतरा: यह मांझा गर्दन में लगने पर गहरी चोट पहुंचाता है और कई बार मौत का कारण बन जाता है।
- पक्षियों के लिए खतरा: उड़ते पक्षी इससे टकराकर मर जाते हैं।
- सड़क हादसे: मोटरसाइकिल या स्कूटर चालकों की गर्दन कटने से हादसे हो रहे हैं।
पिछले सालों में सहारनपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे से दर्जनों मौतें और सैकड़ों घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं।

जनता ने दी पूरी सहयोग
अभियान में शामिल लोगों ने पुलिस की इस पहल की जमकर तारीफ की। एक स्थानीय युवा ने कहा, “बहुत अच्छा लगा कि पुलिस खुद आगे आई और हमें जागरूक किया। अब हम भी अपने बच्चों को चाइनीज मांझा नहीं उड़ाने देंगे।” कई लोगों ने वादा किया कि वे अपने आसपास के दुकानदारों को भी चाइनीज मांझा न बेचने के लिए समझाएंगे।
पुलिस का संदेश
सहारनपुर पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि चाइनीज मांझा खरीदने और इस्तेमाल करने से बचें। अगर किसी दुकान पर यह बिकता दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने कहा कि पतंगबाजी का आनंद लें, लेकिन सुरक्षित तरीके से – ताकि कोई जान न जाए।
यह अभियान न सिर्फ कानून लागू करने का प्रयास है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने और जिंदगियां बचाने की कोशिश है।








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