देहरादून, 6 जनवरी 2026 – उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की लड़ाई को राज्य सरकार ने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में इस मामले पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और इस दिशा में गंभीरता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य किया गया है।
धामी ने दोषियों को मिली आजीवन कारावास की सजा को सरकार की प्रभावी पैरवी का नतीजा बताया, लेकिन साथ ही एक वायरल ऑडियो क्लिप के आधार पर बनाए जा रहे माहौल को अनावश्यक करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि CBI जांच के विषय पर अंकिता के माता-पिता से बात कर उनकी भावनाओं और पीड़ा को ध्यान में रखकर ही अगला निर्णय लिया जाएगा। यह बयान न केवल मामले की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि राज्य सरकार की महिलाओं की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।
यह प्रेस वार्ता ऐसे समय में हुई है, जब अंकिता भंडारी मामले में एक कथित ऑडियो क्लिप वायरल हो रही है, जो जांच की दिशा पर सवाल उठा रही है। मुख्यमंत्री धामी की यह प्रतिक्रिया राज्य की जनता को आश्वस्त करने का प्रयास है, जहां महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है। अंकिता का मामला 2022 से सुर्खियों में है, और अब दोषियों को सजा मिलने के बाद भी विवाद जारी है।

SIT जांच और दोषियों को सजा: सरकार की प्रभावी पैरवी का नतीजा
मुख्यमंत्री धामी ने वार्ता में मामले की जांच प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जघन्य अपराध की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए महिला अधिकारी श्रीमती रेणुका देवी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। SIT ने मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की, और सरकार की सशक्त न्यायालयीय पैरवी के परिणामस्वरूप तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
धामी ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित SIT की जांच पर न केवल निचली अदालत, बल्कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष व्यक्त किया है। यह जांच की निष्पक्षता और मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी गंभीरता से अपने निष्कर्ष तक पहुंच चुकी है, और दोषियों को कड़ी सजा मिल चुकी है। मुख्यमंत्री का यह बयान उन आरोपों का जवाब है, जहां जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

वायरल ऑडियो क्लिप पर CM का जवाब: अनावश्यक माहौल बनाने का प्रयास
प्रेस वार्ता में एक प्रमुख सवाल वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर था, जिसके आधार पर प्रदेश में अनावश्यक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि क्लिप के आधार पर उठाए जा रहे सवाल निराधार हैं, क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले में शुरू से ही पारदर्शिता बरती है, और अब क्लिप को आधार बनाकर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।
धामी ने जोर दिया कि राज्य सरकार बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंकिता का मामला पूरे प्रदेश की भावनाओं से जुड़ा है, लेकिन सबसे अधिक प्रभावित उसके माता-पिता हैं। इसलिए, CBI जांच के विषय पर वे स्वयं अंकिता के माता-पिता से बात करेंगे और उनकी भावनाओं, पीड़ा एवं अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। यह बयान संवेदनशीलता का परिचय देता है, जहां परिवार की राय को प्राथमिकता दी जा रही है।
महिलाओं की सुरक्षा: उत्तराखंड सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने वार्ता में महिलाओं की सुरक्षा को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि अंकिता जैसी घटनाएं समाज के लिए दुखद हैं, और सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है। दोषियों को मिली सजा इसका प्रमाण है कि न्याय व्यवस्था मजबूत है। धामी ने अपील की कि राजनीतिक लाभ के लिए मामले को तूल न दिया जाए, बल्कि सभी मिलकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
यह प्रेस वार्ता उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय प्रणाली पर एक महत्वपूर्ण बयान है। अंकिता भंडारी का मामला राज्य की राजनीति और समाज में गूंज रहा है, और CM धामी का यह स्टैंड सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। क्या आपको लगता है कि CBI जांच से मामले में नया मोड़ आएगा? कमेंट्स में अपनी राय साझा करें। हमारे ब्लॉग को फॉलो करें उत्तराखंड की ताजा खबरों और अपडेट्स के लिए – जय हिंद!








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