उत्तराखंड के बनबसा (चंपावत) में भारत-नेपाल सीमा पर पशु तस्करी का धंधा चरम पर है। तस्कर SSB और पुलिस की मौजूदगी में भी बेखौफ हैं। SP रेखा यादव ने समन्वय बढ़ाकर सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया।

भारत-नेपाल सीमा पर पशु तस्करी का काला खेल, बनबसा में तस्कर बेखौफ
बनबसा (चंपावत): भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर बनबसा क्षेत्र में जानवरों की अवैध तस्करी का धंधा चरम पर पहुंच गया है। टनकपुर से लेकर धनुष पुल और मेलाघाट तक का पूरा इलाका अब तस्करी का सुरक्षित गलियारा बन चुका है।
ताज्जुब की बात यह है कि सीमा सुरक्षा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस की भारी मौजूदगी के बावजूद तस्कर पूरी बेखौफी से अपना कारोबार चला रहे हैं। स्थानीय लोगों का सवाल है कि इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ये तस्कर जानवरों की खेप कैसे पार कर लेते हैं? क्या इन्हें किसी बड़े संरक्षण का सहारा हासिल है?

सुरक्षा एजेंसियों पर उठ रहे सवाल
सीमा पर तैनात सुरक्षा चौकियां अक्सर मूकदर्शक बनी नजर आ रही हैं। भारी संख्या में पशुओं की तस्करी हो रही है, लेकिन पकड़ में आने वाले मामले बेहद कम हैं। इससे स्थानीय जनता में गुस्सा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इन तस्करों को किसका संरक्षण प्राप्त है?

SP चंपावत का सख्त रुख
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए चंपावत की पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हम SSB और स्थानीय पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर रहे हैं।
SP रेखा यादव ने कहा,
“इस अवैध धंधे पर अंकुश लगाने के लिए एक प्रभावी रणनीति तैयार की जा रही है। सीमा क्षेत्र में तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।”
तस्करी का तरीका
जानकारों के अनुसार, नेपाल से सस्ते दामों पर पशु खरीदकर भारतीय सीमा पार कराए जा रहे हैं। इन जानवरों को उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। टनकपुर-बनबसा-मेलाघाट रूट इस तस्करी का सबसे सक्रिय गलियारा बन गया है।

क्या कहते हैं स्थानीय?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के अंधेरे में ट्रक, ट्रैक्टर और छोटे वाहनों से बड़ी संख्या में पशुओं की खेप पार की जाती है। कई बार तस्कर सुरक्षा बलों को चकमा देकर या रिश्वत देकर अपना काम निकाल लेते हैं।
पुलिस और SSB के बीच बेहतर समन्वय की कमी भी इस समस्या को बढ़ावा दे रही है।
अपडेट: पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सीमा क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जाएगा और तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ा जाएगा।






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