लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रामपुर पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। अखिलेश के स्वागत के लिए खुद सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे। दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है, क्योंकि काफी समय बाद दोनों आमने-सामने आए हैं।

आजम ने खुद किया स्वागत
सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव दोपहर में रामपुर पहुंचे और सीधे जौहर यूनिवर्सिटी गए, जहां आजम खां ने उन्हें गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने यूनिवर्सिटी परिसर में कुछ देर तक बातचीत की। इसके बाद अखिलेश और आजम एक ही गाड़ी में बैठकर आजम खां के घर पहुंचे। दोनों के घर में एक साथ प्रवेश करने का यह दृश्य कार्यकर्ताओं के लिए भावनात्मक क्षण रहा।
मुलाकात क्या गुल खिलाएगी
गौरतलब है कि आजम खां के जेल से छूटने के बाद अखिलेश यादव उन्हें रिसीव करने नहीं गए थे, जिससे उनके रिश्तों में ठंडापन आने की चर्चा तेज हो गई थी। आजम खां ने तो यहां त कह दिया था कि हम बड़े लोग होते तो बड़े नेता लेने आते। इस तरह लंबे समय से दोनों के बीच दूरी की बातें उठती रही हैं। ऐसे में यह मुलाकात सपा के लिए एकता का संदेश देती दिख रही है। लेकिन भविष्य ही बताएगा कि यह मुलाकात क्या खुल खिलाएगी।

समर्थकों में देखा गया उत्साह
रामपुर में अखिलेश यादव के आगमन को लेकर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। सैकड़ों कार्यकर्ता यूनिवर्सिटी और आजम खां के घर के बाहर जुटे रहे। कई जगहों पर फूल बरसाए गए और “अखिलेश-आजम भाईचारा जिंदाबाद” के नारे लगाए गए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात न सिर्फ व्यक्तिगत रिश्तों की बर्फ पिघलाने का प्रयास है, बल्कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सपा के अंदर एकजुटता दिखाने की रणनीति भी हो सकती है।
अखिलेश सांसद नदवी को नहीं ले गए साथ
अखिलेश यादव रामपुर के सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को अपने साथ आजम खां के यहां पर नहीं ले गए। उन्हें बरेली में अखिलेश यादव ने छोड़ दिया। दरअसल आजम खां ने पहले ही कर दिया था कि वह केवल अखिलेश यादव से ही मुलाकात करेंगे। वह सांसद नदवी को नहीं जानते, इसलिए उनसे मिलने का सवाल ही नहीं हैं। गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने आजम खां की मंशा के विपरीत नदवी को रामपुर से लोकसभा का टिकट दिया था। उसके बाद से आजम खां अखिलेश यादव और नदवी दोनों से ही नाराज चल रहे हैं।

अखिलेश को बरेली में नहीं घुसने दिया प्रशासन ने
दरअसल अखिलेश यादव चाहते थे कि विमान से बरेली से त्रिशूल हवाई अड्डे पर उतरें। वह बरेली में हिंसा में घायल हुए लोगों से मुलाकात करें। उसके बाद रामपुर जाएं। लेकिन प्रशासन ने पहले बता दिया था कि अखिलेश यादव यदि बरेली उतरते हैं तो उन्हें शहर में नहीं आने दिया जाएगा। इसलिए अखिलेश यादव बरेली तक निजी विमान से आए। सांसद नदवी को वहीं पर छोड़ा, उसके बाद फिर अकेले हेलीकाप्टर से रामपुर पहुंचे।







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