जालौन में एक बेटे की हुई दर्दनाक मौत और पुलिस प्रशासन की लापरवाही ने एक परिवार को सड़क पर ला दिया है। आलम यह है कि रहस्यमयी मौत को लेकर पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर DM कार्यालय के बाहर बैठा है। परिवार का आरोप है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से उन्हें मजबूरन हताश होकर उन्हें यह कठोर कदम हड़ताल पर बैठना पड़ा।

जालौन में रहस्यमयी मौत का क्या है पूरा मामला?
यह घटना बीती 10 जुलाई की है, कालपी कोतवाली क्षेत्र में एक रेलवे ट्रैक के किनारे एक युवक का शव मिला था। शव मिलने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हालांकि, पीड़ित परिवार ने संदेह जताया कि यह सुसाइड नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। परिजनों ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराते हुए आठ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार के अनुसार, इन आठ लोगों ने मिलकर युवक की जमकर मारपीट की और फिर चाकू से हमला करके उसकी हत्या कर दी। उनका आरोप है कि मारपीट के बाद आरोपियों ने शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया ताकि यह दिखे कि यह कोई आत्महत्या का मामला है।

परिवार का कहना है कि घटना के बाद से ही पुलिस ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। एक FIR दर्ज कराने और गंभीर जांच शुरू करने की उनकी मांग को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। पुलिस की इस निष्क्रियता और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होते देख परिवार पूरी तरह से हताश हो गया। इसीलिए न्याय पाने के लिए वह पूरे परिवार के साथ डीएम की चौखट पर बैठ गए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।

मृतक के पिता गोपाल ने बताया कि मेरे बेटे को बेरहमी से मार दिया गया। हमने पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी। अब हमारे पास DM साहब के सामने भूख हड़ताल पर बैठने के अलावा कोई चारा नहीं बचा। हमें न्याय चाहिए। वहीं, मृतक की पत्नी मंजू ने आंसू भरी आवाज में उन्होंने कहा, मेरे पति को मेरे सामने ही पीट-पीट कर मार डाला गया। अब हम किसके पास जाएं? हम तब तक अनशन पर रहेंगे जब तक कि हमारे साथ हुई इस नाइंसाफी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।








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