बरेली नगर निगम में ABVP प्रदर्शन के दौरान हाथापाई, कर्मचारियों ने लगाया गुंडागर्दी का आरोप; शहर की सफाई व्यवस्था ठप
बरेली शहर में शुक्रवार दोपहर नगर निगम कार्यालय के बाहर उस समय हड़कंप मच गया, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर पहुंचे और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। मामला शुरुआत में कहासुनी से शुरू हुआ, लेकिन देखते ही देखते यह धक्कामुक्की और मारपीट तक जा पहुंचा। घटना के बाद निगम के सफाई कर्मचारियों ने भड़ककर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।
घटना का विवरण: कैसे शुरू हुआ विवाद?
ABVP कार्यकर्ता बरेली कॉलेज हॉस्टल की समस्याओं और शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कॉलेज हॉस्टल में पानी की कमी, गंदगी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी लंबे समय से बनी हुई है। इसके अलावा, शहर भर में सफाई कर्मचारियों की लापरवाही से कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, जिससे छात्रों और नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है।
जैसे ही नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य दफ्तर से बाहर निकले, ABVP कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं ने आयुक्त से तत्काल समस्याओं के समाधान की मांग की। माहौल बिगड़ता देख सुरक्षाकर्मी बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन विवाद बढ़ता चला गया। आयुक्त पैदल ही अपने आवास की ओर रवाना हो गए, जबकि कार्यकर्ता निगम परिसर में डटे रहे।
निगम कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि करीब 50-60 युवक दफ्तर में घुस आए और उन्होंने आयुक्त के साथ-साथ कर्मचारियों से अभद्रता की, धक्कामुक्की की और मारपीट की। कर्मचारियों की ओर से गेट बंद कर दिए गए और बाहर दो बुलडोजर खड़े कर दिए गए ताकि कोई और अंदर न घुस सके।

दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप
ABVP की ओर से विभागीय संगठन मंत्री अभनी यादव ने निगम कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “निगम कर्मचारियों ने पहले हमारे कार्यकर्ताओं को धक्का दिया और फिर लाठी-डंडों से हमला किया। यह सरासर गुंडागर्दी है।” यादव ने जिलाधिकारी अविनाश सिंह से शिकायत दर्ज कराई और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ABVP कार्यकर्ता घटना के बाद निगम परिसर में ही धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों पर अड़े रहे।
दूसरी ओर, सफाई कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे राजकुमार समदर्शी ने ABVP कार्यकर्ताओं को “छात्र नहीं, गुंडे” करार दिया। उन्होंने कहा, “ये लोग निगम में घुसकर आयुक्त और कर्मचारियों से मारपीट कर रहे थे। जब तक इन पर FIR दर्ज नहीं होती और कार्रवाई नहीं होती, शहर की सफाई व्यवस्था ठप रहेगी।” कर्मचारियों की हड़ताल से बरेली शहर में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में रोष है।
प्रशासन की भूमिका और तनावपूर्ण माहौल
विवाद बढ़ने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर पुलिस और निगम अधिकारियों ने शांति बहाल करने की कोशिश की। डीएम अविनाश सिंह ने कहा, “हम दोनों पक्षों से बात कर रहे हैं। किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” हालांकि, अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है और मामला जांच के अधीन है।
बाइट: अविनाश सिंह, डीएम बरेली
“घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हम छात्रों की समस्याओं को समझते हैं और सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लेकिन हिंसा का कोई स्थान नहीं। दोनों पक्षों से वार्ता कर शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाएगा।”

प्रभाव: शहर पर क्या असर?
सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से बरेली शहर की सड़कें, पार्क और आवासीय क्षेत्रों में कूड़ा जमा होना शुरू हो गया है। स्थानीय निवासी शिकायत कर रहे हैं कि बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। बरेली कॉलेज के छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में सफाई न होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ABVP ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
यह घटना बरेली में छात्र संगठनों और नगर निगम के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को उजागर करती है। पहले भी सफाई और हॉस्टल सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन हो चुके हैं, लेकिन इस बार मामला मारपीट तक पहुंच गया।
पृष्ठभूमि: ABVP और नगर निगम के मुद्दे
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध छात्र संगठन है, जो देशभर में छात्र हितों के लिए सक्रिय रहता है। बरेली में ABVP लंबे समय से कॉलेज हॉस्टल की समस्याओं को उठाता रहा है। वहीं, नगर निगम पर सफाई व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। हाल के महीनों में कूड़े के निपटान और कर्मचारियों की कमी जैसे मुद्दे सुर्खियों में रहे हैं।
आगे क्या?
प्रशासन दोनों पक्षों से वार्ता कर रहा है। अगर हड़ताल लंबी चली तो शहर में स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है। ABVP ने जिलाधिकारी से मुलाकात की मांग की है, जबकि सफाई कर्मचारी यूनियन कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रही है।
यह घटना न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि छात्र आंदोलनों की दिशा पर भी सवाल उठाती है। क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन ही समाधान है या हिंसा अनिवार्य हो जाती है? बरेली की जनता इंतजार कर रही है कि कब शहर सामान्य हो पाएगा।
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