जेनरेशन जेड के आक्रोश से शुरू हुआ संकट, अब राहत की उम्मीद
नेपाल की राजधानी काठमांडू में दो दिनों तक चले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद बुधवार, 10 सितंबर 2025 को स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। जेनरेशन जेड के नेतृत्व में शुरू हुआ यह आंदोलन, जो सोशल मीडिया पर सरकार के प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ था, हिंसा में तब्दील हो गया, जिसमें 25 लोगों की मौत और 633 घायल हुए। इसके बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने 9 सितंबर को इस्तीफा दे दिया।

त्रिभुवन हवाई अड्डे का परिचालन फिर शुरू
काठमांडू का त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो 9 सितंबर से बंद था, आज दोपहर 3:30 बजे से फिर से चालू हो गया है। हवाई अड्डा कार्यालय ने सुरक्षा कारणों से बंदी की घोषणा की थी, लेकिन अब उड़ानें बहाल हो गई हैं। यात्रियों से सलाह दी गई है कि वे अपनी एयरलाइंस से समय-सारणी की पुष्टि करें और वैध टिकट व पहचान पत्र साथ रखें।

सेना ने संभाली सुरक्षा की कमान
नेपाल सेना ने हिंसा पर नियंत्रण के लिए सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है। राजधानी में सैन्य कर्मी तैनात हैं और लाउडस्पीकर के जरिए शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। सेना ने देशव्यापी प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया है, जो आज शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद गुरुवार सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा।
जेनरेशन जेड का आक्रोश
यह प्रदर्शन जेनरेशन जेड (1997-2012 के बीच जन्मे युवा) ने सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू किया था, जो बाद में भ्रष्टाचार और ‘नेपो किड्स’ (राजनीतिक अभिजात वर्ग) के खिलाफ आंदोलन में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने संसद और नेताओं के घरों में आग लगा दी, जिससे स्थिति बिगड़ी। सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता रंजू दर्शना ने कहा, “हमारे 20 बच्चे मारे गए। यह क्रूरता बर्दाश्त नहीं।”

भारत की प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए यात्रा परामर्श जारी किया है, जिसमें घर के अंदर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन (helpdesk.eoiktm@gmail.com) जारी की है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस ने सीमा पर सघन निगरानी शुरू की है, जबकि विभिन्न राज्यों (केरल, कर्नाटक, आंध्र, गुजरात) ने फंसे पर्यटकों की वापसी के लिए कदम उठाए हैं।
चीन ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने हिंसा पर चिंता जताई। नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की अपील की और शांतिपूर्ण समाधान की बात कही।
वर्तमान स्थिति
काठमांडू की सड़कें अभी भी वीरान हैं, लेकिन हवाई अड्डे के खुलने से फंसे पर्यटकों को राहत मिली है। सेना का कहना है कि वे लूटपाट और तोड़फोड़ को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्थिति अभी संवेदनशील बनी हुई है, और अगले कुछ दिनों में होने वाली घटनाएं भविष्य तय करेंगी।








Leave a Reply