नई दिल्ली। दीपावली के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचकर सुरक्षा बलों के जवानों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। इस दौरान उन्होंने जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और देश की सुरक्षा के लिए उनके साहस, समर्पण और बलिदान की जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहली दीपावली है, जब देश के करोड़ों लोग नक्सलवाद के भय पर विजय प्राप्त करने के विश्वास के साथ त्योहार मना रहे हैं।
जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नक्सलवाद और माओवादी हिंसा के खिलाफ दशकों से जारी लड़ाई में सुरक्षा बलों ने असाधारण साहस का परिचय दिया है। इस उपलब्धि का सबसे बड़ा श्रेय उन जवानों को जाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि जवानों के त्याग और बलिदान ने देश में शांति और सुरक्षा का नया वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बस्तर में बदल रही तस्वीर, नक्सलवाद की जगह विकास ने ली
प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर के पुराने हालात को याद करते हुए कहा कि यह क्षेत्र कभी नक्सलवाद और माओवादी हिंसा से बुरी तरह प्रभावित था। यहां भय और असुरक्षा का माहौल था, लेकिन सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों और सरकार की विकास योजनाओं के कारण अब स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जवानों के बलिदान के कारण बस्तर में नक्सलवाद का प्रभाव कमजोर हुआ है और अब विकास की नई लहर आगे बढ़ रही है। जिन इलाकों में कभी हिंसा और डर का माहौल था, वहां अब शांति, शिक्षा, बेहतर सुविधाओं और विकास की उम्मीदें मजबूत हो रही हैं।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए केवल सुरक्षा अभियान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना भी जरूरी है।
पिछली सरकारों पर साधा निशाना
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सुरक्षा बलों को नक्सली हमलों का प्रभावी जवाब देने के लिए पर्याप्त स्वतंत्रता नहीं दी जाती थी। जवानों को कई बार कठिन परिस्थितियों में सीमित अधिकारों के साथ काम करना पड़ता था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है और सुरक्षा बलों को अभियानों के दौरान जरूरी निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों के साहस और क्षमता पर पूरा भरोसा किया गया है।

माओवादी नेटवर्क पर भी सरकार का कड़ा रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ केवल हथियारबंद माओवादी संगठनों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि उन्हें मिलने वाले समर्थन और मदद के नेटवर्क पर भी ध्यान दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ काम करते हुए माओवादी आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी सरकार की प्राथमिकता रही है।
प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों और सरकारी योजनाओं को क्षेत्र में बदलते हालात का महत्वपूर्ण आधार बताया।
2014 से जवानों के साथ दीपावली मनाते आ रहे हैं PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2014 से लगातार दीपावली का त्योहार देश के सैनिकों और सुरक्षा बलों के जवानों के बीच मनाते आ रहे हैं। उन्होंने इस परंपरा की शुरुआत सियाचिन बेस कैंप से की थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग वर्षों में देश के सीमावर्ती इलाकों और सैन्य ठिकानों पर पहुंचकर जवानों के साथ त्योहार मनाया।
वर्ष 2015 में उन्होंने पंजाब सेक्टर में, 2016 में हिमाचल प्रदेश के सुमदोह में, 2017 में जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में और 2018 में उत्तराखंड के हर्षिल में जवानों के साथ दीपावली मनाई थी।
इसके बाद 2019 में राजौरी, 2020 में जैसलमेर के लोंगेवाला, 2021 में नौशेरा, 2022 में कारगिल और 2023 में हिमाचल प्रदेश के लेपचा पहुंचकर सैनिकों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। वर्ष 2024 में उन्होंने गुजरात के कच्छ और 2025 में गोवा-कारवार तट पर स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर जवानों के साथ दीपावली मनाई थी।

जवानों के नाम प्रधानमंत्री का खास संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के सैनिक और सुरक्षा बलों के जवान केवल सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा के प्रहरी नहीं हैं, बल्कि करोड़ों देशवासियों की खुशियों और सुरक्षित भविष्य के रक्षक भी हैं। जब पूरा देश अपने परिवारों के साथ दीपावली मनाता है, उस समय जवान अपने घरों से दूर रहकर देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं।
बस्तर में जवानों के साथ दीपावली मनाकर प्रधानमंत्री ने उनके योगदान के प्रति देश की कृतज्ञता व्यक्त की। उनका संदेश साफ था कि देश की शांति, सुरक्षा और विकास के पीछे सुरक्षा बलों का त्याग और समर्पण सबसे बड़ी ताकत है।






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