दिल्ली में प्रदूषण का कहर! AQI 372 के पार, कई इलाकों में 460 तक पहुंचा स्तर; अगले 48 घंटे और बिगड़ सकते हैं हालात

दिल्ली में प्रदूषण का कहर! AQI 372 के पार, कई इलाकों में 460 तक पहुंचा स्तर; अगले 48 घंटे और बिगड़ सकते हैं हालात

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीली हवा की चपेट में है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 372 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। राजधानी के कई इलाकों में स्थिति इससे भी ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है, जहां AQI 400 के पार पहुंचकर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। आसमान में छाई धुंध और प्रदूषित हवा के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के निगरानी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा बना हुआ है। हालात को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-II के तहत लागू प्रतिबंध जारी हैं। इसके बावजूद प्रदूषण से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान ने भी चिंता बढ़ा दी है। अनुमान है कि अगले दो दिनों में प्रदूषण का स्तर और बिगड़ सकता है और राजधानी के कुछ हिस्सों में हवा ‘गंभीर’ श्रेणी तक पहुंच सकती है।

दिल्ली में प्रदूषण का कहर! AQI 372 के पार, कई इलाकों में 460 तक पहुंचा स्तर; अगले 48 घंटे और बिगड़ सकते हैं हालात

जहांगीरपुरी में AQI 460, कई इलाकों में हवा बेहद जहरीली

दिल्ली में प्रदूषण की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई निगरानी केंद्रों पर AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया। गुरुवार सुबह उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जहांगीरपुरी में सबसे अधिक 460 AQI दर्ज किया गया। इसके अलावा IIT दिल्ली में 451 और पंजाबी बाग में 449 का स्तर रिकॉर्ड किया गया।

अन्य प्रदूषित इलाकों में दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DTU) का AQI 441, विवेक विहार में 440, अलीपुर में 438 और नरेला तथा रोहिणी में 434 दर्ज किया गया। मुंडका में वायु गुणवत्ता सूचकांक 430, सोनिया विहार में 426 और आरके पुरम में 420 रहा।

वहीं आनंद विहार में AQI 304 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक है और लोगों को स्वच्छ हवा के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

क्या होता है AQI और कितनी खतरनाक है 372 की रीडिंग?

वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के जरिए हवा में मौजूद प्रदूषकों के स्तर और उससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का आकलन किया जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार AQI को छह श्रेणियों में बांटा गया है।

  • 0 से 50: अच्छा
  • 51 से 100: संतोषजनक
  • 101 से 200: मध्यम
  • 201 से 300: खराब
  • 301 से 400: बहुत खराब
  • 401 से 500: गंभीर

इस वर्गीकरण के मुताबिक दिल्ली का औसत AQI 372 होने का मतलब है कि राजधानी की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। वहीं जहांगीरपुरी जैसे इलाकों में 460 का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच चुका है। इस तरह की प्रदूषित हवा में लंबे समय तक रहने से सांस संबंधी परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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GRAP-II लागू, सड़कों पर पानी का छिड़काव और सफाई तेज

प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली में GRAP-II के तहत कई उपाय जारी हैं। प्रशासन की ओर से सड़कों की मशीनों से सफाई, धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव और निर्माण स्थलों पर धूल फैलने से रोकने के उपायों की निगरानी की जा रही है।

इन उपायों का उद्देश्य हवा में धूल और अन्य प्रदूषक कणों की मात्रा को कम करना है। हालांकि, प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बने रहने से इन प्रयासों के असर पर भी सवाल उठ रहे हैं। वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण के साथ क्षेत्रीय स्तर पर भी समन्वित कार्रवाई जरूरी है।

वाहनों का धुआं और पराली जलाना बढ़ा रहे परेशानी

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार माने जाते हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक गतिविधियां और आसपास के क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाएं वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं।

सर्दियों के दौरान मौसम की परिस्थितियां भी प्रदूषण को बढ़ाने में भूमिका निभाती हैं। हवा की गति कम होने पर प्रदूषक कण वातावरण में अधिक समय तक बने रह सकते हैं। इसके कारण कई बार सुबह और रात के समय धुंध की मोटी परत दिखाई देती है और प्रदूषण का असर अधिक महसूस होता है।

दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा? अगले दो दिन बढ़ सकती है चिंता

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली में मुख्य रूप से आसमान साफ रहने की संभावना है। हालांकि सुबह के समय कुछ स्थानों पर हल्की धुंध या कोहरा देखने को मिल सकता है। दोपहर में उत्तर-पश्चिमी हवाओं की गति बढ़ने की संभावना है, लेकिन शाम और रात के समय हवाएं फिर धीमी पड़ सकती हैं।

मौसम के साथ-साथ वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान भी चिंता बढ़ा रहा है। उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों में प्रदूषण का स्तर और खराब हो सकता है तथा कुछ इलाकों में AQI गंभीर श्रेणी तक पहुंचने की आशंका है। हालांकि, प्रदूषण का वास्तविक स्तर मौसम, हवा की गति और स्थानीय उत्सर्जन जैसे कारकों पर निर्भर करेगा।

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प्रदूषण से बचने के लिए क्या सावधानी बरतें?

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच लोगों को अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से प्रभावित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

  • प्रदूषण अधिक होने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें।
  • सुबह और देर शाम खुले में लंबे समय तक व्यायाम करने से परहेज करें।
  • बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल करें।
  • आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
  • घर के अंदर धुआं पैदा करने वाली गतिविधियों से बचें।
  • बच्चों और बुजुर्गों को अधिक प्रदूषण वाले वातावरण से दूर रखें।

दिल्ली में फिलहाल प्रदूषण से राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है। औसत AQI 372 और कई इलाकों में 400 से अधिक की रीडिंग राजधानी के लिए गंभीर चेतावनी है। अगले 48 घंटे वायु गुणवत्ता के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। ऐसे में प्रशासन के प्रदूषण नियंत्रण उपायों के साथ लोगों की सतर्कता भी बेहद जरूरी है।

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