नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मुकाबला हो और रोमांच देखने को न मिले, ऐसा कम ही होता है। हांगकांग सिक्सेस 2026 में एक बार फिर दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमें आमने-सामने आईं, लेकिन इस बार बाजी पाकिस्तान के हाथ लगी। टूर्नामेंट में अपने अभियान का आगाज करने उतरी भारतीय टीम को पाकिस्तान ने महज 3.5 ओवर में 4 विकेट से करारी शिकस्त दे दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 6 ओवर में 5 विकेट खोकर 88 रन बनाए थे, लेकिन पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए 3.5 ओवर में ही 91 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। भारतीय टीम की कमजोर बल्लेबाजी और उसके बाद खराब गेंदबाजी हार की सबसे बड़ी वजह बनी।

पहले बल्लेबाजी में लड़खड़ाई टीम इंडिया, शशांक सिंह ने संभाली पारी
मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उसका यह निर्णय सही साबित हुआ और भारतीय बल्लेबाज शुरुआत से ही दबाव में नजर आए। सलामी बल्लेबाज राहुल त्रिपाठी कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और 5 गेंदों में सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए। वहीं नीतीश राणा भी अपनी लय हासिल करने में नाकाम रहे। उन्होंने 14 गेंदों का सामना करते हुए महज 19 रन बनाए। धीमी बल्लेबाजी के चलते भारतीय टीम की रन गति प्रभावित हुई और उन्हें रिटायर्ड आउट होना पड़ा।
इसके बाद बल्लेबाजी करने आए शशांक सिंह ने आक्रामक रुख अपनाया और महज 11 गेंदों में 40 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को संभालने की कोशिश की। उनकी बल्लेबाजी में बड़े शॉट्स देखने को मिले, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। राहुल तेवतिया और क्रुणाल पांड्या पहली ही गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए।
आखिरी ओवरों में टी नटराजन ने 6 गेंदों में नाबाद 12 रन बनाकर स्कोर को आगे बढ़ाया। हालांकि, भारतीय टीम निर्धारित 6 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 88 रन ही बना सकी। पाकिस्तान की ओर से अब्दुल समद ने 2 विकेट हासिल किए, जबकि अहमद दानियाल और मोहम्मद शहजाद को एक-एक सफलता मिली।
ख्वाजा नफे और अब्बास अफरीदी ने भारतीय गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां
89 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। पाकिस्तानी सलामी बल्लेबाज ख्वाजा नफे और कप्तान अब्बास अफरीदी ने मैदान पर आते ही चौके-छक्कों की बरसात शुरू कर दी। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
ख्वाजा नफे ने महज 12 गेंदों में 41 रनों की विस्फोटक पारी खेली। वहीं कप्तान अब्बास अफरीदी ने सिर्फ 8 गेंदों में 35 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 5 शानदार छक्के शामिल रहे। दोनों बल्लेबाजों की तूफानी पारियों ने मुकाबले को एकतरफा बना दिया और भारतीय टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
बाद में अब्दुल समद ने नाबाद 7 रन बनाए, जबकि इरफान खान ने सिर्फ एक गेंद पर 6 रन जड़कर टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। पाकिस्तान ने महज 3.5 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 91 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

राणा की धीमी बल्लेबाजी और क्रुणाल की गेंदबाजी बनी परेशानी
भारतीय टीम की इस हार के पीछे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों की कमजोरियां सामने आईं। नीतीश राणा की धीमी बल्लेबाजी ने टीम के स्कोर पर असर डाला। वहीं क्रुणाल पांड्या पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए। गेंदबाजी के दौरान भी भारतीय टीम पाकिस्तान के विस्फोटक बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम रही।
टी नटराजन और क्रुणाल पांड्या की गेंदबाजी भी प्रभावी नजर नहीं आई। शशांक सिंह और राहुल तेवतिया ने एक-एक विकेट जरूर हासिल किया, लेकिन पाकिस्तान की रन गति पर अंकुश लगाने में भारतीय गेंदबाज पूरी तरह नाकाम रहे।
पाकिस्तान के खिलाफ हार से भारत को मिला बड़ा सबक
हांगकांग सिक्सेस जैसे छोटे प्रारूप में हर गेंद का महत्व बेहद ज्यादा होता है। यहां बल्लेबाजों से तेज रन बनाने और गेंदबाजों से किफायती प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है। भारतीय टीम दोनों ही मोर्चों पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। जहां शशांक सिंह की 40 रनों की पारी सकारात्मक पहलू रही, वहीं बाकी बल्लेबाजों और गेंदबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
पाकिस्तान के खिलाफ इस हार से भारतीय टीम को अपने खेल में सुधार करने की जरूरत होगी। खासकर बल्लेबाजी में शुरुआती ओवरों का सही इस्तेमाल और गेंदबाजी में बड़े शॉट्स रोकने की रणनीति पर काम करना होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम टूर्नामेंट के अगले मुकाबलों में किस तरह वापसी करती है।







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