हिमाचल के नाहन में 29 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू, दो समुदायों के बीच झड़प में 14 लोग घायल

हिमाचल के नाहन में 29 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू, दो समुदायों के बीच झड़प में 14 लोग घायल

नाहन, हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन में सिख और वाल्मीकि समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। इलाके में दोबारा तनाव बढ़ने और हिंसा की आशंका को देखते हुए कस्बे के कुछ हिस्सों में 29 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैलियों, जुलूसों, प्रदर्शनों और पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर रोक लगा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, 23 अक्टूबर को वाल्मीकि चौक पर स्वागत द्वार लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बाद में झड़प में बदल गया था। इस घटना में पुलिसकर्मियों समेत कुल 14 लोग घायल हुए, जबकि सरकारी और अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।

हिमाचल के नाहन में 29 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू, दो समुदायों के बीच झड़प में 14 लोग घायल

स्वागत द्वार लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

नाहन में दोनों समुदायों के बीच विवाद की शुरुआत 23 अक्टूबर को वाल्मीकि चौक पर स्वागत द्वार लगाने को लेकर हुई थी। इस मुद्दे पर शुरू हुआ मतभेद धीरे-धीरे बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। देखते ही देखते विवाद ने झड़प का रूप ले लिया। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से ईंटें, पत्थर और कांच की बोतलें फेंके जाने की जानकारी सामने आई।

घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। झड़प में पुलिसकर्मियों सहित 14 लोग घायल हुए। घायलों में नाहन सदर थाने के प्रभारी कुलबीर सिंह और दो अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल बताए गए हैं। घटना के दौरान सरकारी और अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी, ताकि किसी तरह की नई अप्रिय घटना को रोका जा सके।

29 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा, भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध

दोनों समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए नाहन के कुछ हिस्सों में 29 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। सिरमौर की जिलाधिकारी प्रियंका वर्मा ने सोमवार देर रात इस संबंध में आदेश जारी किया। प्रशासन को आशंका थी कि हिमाचल प्रदेश के अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब से भी लोग अपने-अपने समुदाय के समर्थन में नाहन के वाल्मीकि चौक पर पहुंच सकते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से तनाव दोबारा बढ़ने की आशंका जताई गई।

आदेश के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही रैलियां निकालने, जुलूस आयोजित करने, प्रदर्शन करने और हड़ताल करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित टकराव को रोकना और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना है।

निषेधाज्ञा के दौरान घातक हथियार रखने, सार्वजनिक स्थानों पर ज्वलनशील सामग्री ले जाने, पत्थर या अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं फेंकने और भड़काऊ भाषण देने जैसी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए एहतियात बरतना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे के कारण स्थिति फिर से न बिगड़े।

हिमाचल के नाहन में 29 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू, दो समुदायों के बीच झड़प में 14 लोग घायल

शांति बैठक में दोनों पक्षों ने जताई थी सहमति

विवाद के बाद प्रशासन ने दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर मामले को शांत करने का प्रयास किया था। शनिवार को जिलाधिकारी प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों पक्षों के लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक में शांति बनाए रखने और आगे किसी तरह का विवाद नहीं करने पर सहमति बनी थी।

इसके बाद वाल्मीकि जयंती के अवसर पर गोविंदगढ़ इलाके से जुलूस निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान सिख समुदाय के लोगों ने जुलूस का स्वागत भी किया था। इस घटनाक्रम से उम्मीद जगी थी कि दोनों समुदायों के बीच स्थिति सामान्य हो रही है और विवाद को बातचीत के जरिए आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।

हालांकि, प्रशासन का मानना है कि शांति समझौते के बावजूद बाहरी लोगों के हस्तक्षेप से तनाव दोबारा बढ़ सकता है। इसी आशंका के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। मंगलवार को वाल्मीकि चौक पर हुई तोड़फोड़ के विरोध में कुछ लोगों के एकत्र होने की आशंका भी जताई गई, जिसके बाद प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने का फैसला किया।

पुलिस और प्रशासन की निगरानी में संवेदनशील क्षेत्र

नाहन में हालात को नियंत्रण में बनाए रखना प्रशासन के लिए प्राथमिकता बना हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया था और फिलहाल दोनों समुदायों के बीच किसी बड़े तनाव की जानकारी नहीं है। इसके बावजूद किसी भी संभावित घटना से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।

प्रशासन की चिंता इस बात को लेकर भी है कि विवाद से जुड़ी खबरों के बाद आसपास के राज्यों से लोग नाहन पहुंच सकते हैं। यदि बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं, तो पहले से संवेदनशील माहौल में तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हो सकती है। इसी कारण निषेधाज्ञा लागू कर भीड़ जुटाने और विरोध-प्रदर्शन जैसी गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है।

स्थानीय स्तर पर शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से दोनों समुदायों के लोगों से संयम बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपेक्षा की जा रही है। ऐसे मामलों में अफवाहों और भड़काऊ बयानों से स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है।

29 अक्टूबर तक प्रशासन के आदेशों का पालन जरूरी

नाहन में स्वागत द्वार लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला बन गया है। झड़प में 14 लोगों के घायल होने और वाहनों को नुकसान पहुंचने के बाद प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। इसी वजह से 29 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू की गई है और सार्वजनिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता क्षेत्र में शांति बनाए रखना, संभावित भीड़ को नियंत्रित करना और दोबारा हिंसा की स्थिति पैदा होने से रोकना है। दोनों समुदायों के बीच हुई शांति बैठक के बावजूद अधिकारियों ने एहतियाती कदम जारी रखने का निर्णय लिया है। आने वाले दिनों में हालात किस तरह बने रहते हैं, इस पर प्रशासन की नजर रहेगी।

JN News अपडेट: हिमाचल प्रदेश के नाहन में दो समुदायों के बीच विवाद के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और निषेधाज्ञा के आदेशों का पालन करने की अपील की है।

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