उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। सोमवार तड़के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं से भरा एक कैंटर वाहन डिवाइडर से जा टकराया और पलट गया। इस भीषण हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब वाहन में सवार सभी 32 श्रद्धालु राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागड़ धाम के दर्शन कर बदायूं वापस लौट रहे थे।

आधी रात को हुआ हादसा, गांवों के बीच पलटा वाहन
घटना देर रात करीब 1 बजे की बताई जा रही है, जब यह कैंटर बागपत जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बासी और बाडा गांवों के बीच हादसे का शिकार हुआ। पुलिस के अनुसार, तेज रफ्तार से जा रहा कैंटर अचानक डिवाइडर से टकरा गया और नियंत्रण खोकर पलट गया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के इलाकों से पुलिस बल और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
घायलों और मृतकों को तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 22 घायल यात्रियों में से 18 को बेहतर इलाज के लिए मेरठ के एक मेडिकल सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 6 और श्रद्धालुओं ने दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 12 हो गई। बागपत के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि की है।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों में मुन्नी देवी (55 वर्ष), सुगदपाल (40 वर्ष), साधु (60 वर्ष), रामेश्वर यादव (60 वर्ष) और प्रेमसिंह (40 वर्ष) शामिल हैं। इसके अलावा एक मासूम 7 वर्षीय बालक जितेंद्र की भी इस हादसे में मौत हो गई, जिसने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। प्रशासन शेष पीड़ितों की पहचान की प्रक्रिया में जुटा हुआ है ताकि उनके परिजनों को सूचित किया जा सके।

नींद में थे यात्री, अचानक लगा जोरदार झटका
हादसे में घायल हुए एक यात्री कुंवरपाल ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि दुर्घटना के समय वाहन में सवार अधिकतर श्रद्धालु गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक उन्हें एक तेज झटका महसूस हुआ और देखते ही देखते गाड़ी पलट गई। उन्होंने बताया कि हादसे के तुरंत बाद वाहन में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसे याद कर वे आज भी सिहर उठते हैं। कुंवरपाल के मुताबिक कैंटर के चालक ने दावा किया था कि पीछे से आ रही एक अन्य गाड़ी ने उनके वाहन को टक्कर मार दी थी, जिसके कारण कैंटर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया।
हालांकि पुलिस अभी हादसे के सटीक कारणों की जांच में जुटी हुई है और इस दावे की भी पुष्टि की जा रही है। जिला मजिस्ट्रेट अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और चिकित्सा अधिकारियों को घायलों के समुचित एवं तुरंत इलाज के सख्त निर्देश दिए।

क्या है बागड़ धाम, जहां से लौट रहे थे श्रद्धालु
बागड़ धाम राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध धार्मिक और आस्था का केंद्र है, जिसे स्थानीय भाषा में गोगामेड़ी के नाम से भी जाना जाता है। यह पवित्र स्थल जाहरवीर बाबा गोगाजी महाराज, जिन्हें गोगानाथ जी के नाम से भी पुकारा जाता है, उनकी अटूट श्रद्धा और आस्था से जुड़ा हुआ है। लोक मान्यताओं के अनुसार गोगाजी को एक ऐसे लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है, जो अपने भक्तों को बहादुरी प्रदान करते हैं और सर्पदंश जैसी विपत्तियों से उनकी रक्षा करते हैं।
हर वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस पावन स्थल पर दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से भाद्रपद माह में आयोजित होने वाले गोगामेड़ी मेले के दौरान राजस्थान सहित उत्तर प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त इस मेले में शामिल होने पहुंचते हैं।
प्रशासन ने शुरू की जांच, राहत कार्य जारी
फिलहाल स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस दुर्घटना की गहनता से जांच कर रहे हैं ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। घायलों का इलाज युद्धस्तर पर जारी है और प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रात्रि यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।







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