खटीमा/ऊधम सिंह नगर। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की है। ऊधम सिंह नगर के खटीमा में कुमाऊं मंडल के वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर 20 हजार रुपये मासिक पेंशन, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने और वंचित आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण करने की मांग की।
आंदोलनकारियों का कहना है कि उत्तराखंड राज्य बने 25 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन राज्य निर्माण के आंदोलन में योगदान देने वाले करीब 12 हजार परिवार आज भी अपने अधिकार और सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने आंदोलनकारियों का वर्गीकरण कर अलग-अलग स्लैब निर्धारित किए हैं और उन्हें महज 5500 रुपये तक की पेंशन दी जा रही है। आंदोलनकारियों ने इसे मौजूदा महंगाई के दौर में बेहद कम बताया।
सभी वंचित आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग
ज्ञापन के माध्यम से आंदोलनकारियों ने मांग की कि पूरे जिले में वंचित राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण कराया जाए। इसके साथ ही 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को वास्तविक रूप से लागू करते हुए पात्र वंचित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की गई।
आंदोलनकारियों ने दोहरी पेंशन के कारण बंद पड़ी पूर्व सैनिक राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन को भी दोबारा शुरू करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सभी चिन्हित 12 हजार आंदोलनकारियों को ‘राज्य निर्माण सेनानी’ का दर्जा दिया जाए और लोकतंत्र सेनानियों की तर्ज पर उन्हें 20 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाए।

चिन्हीकरण के मानकों पर उठाए सवाल
राज्य आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि एक ही जिले में चिन्हीकरण के लिए अलग-अलग मानक अपनाए जा रहे हैं। उनका दावा है कि कई वास्तविक आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण निरस्त कर दिया गया है। आंदोलनकारियों के मुताबिक अकेले खटीमा में 253 आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण रद्द किया गया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था होने के बावजूद अभी तक केवल सात लोगों को ही नियुक्ति मिल पाई है। इसी मुद्दे को लेकर देहरादून स्थित शहीद स्थल पर पिछले 65 दिनों से धरना जारी होने की बात भी आंदोलनकारियों ने कही।

1 सितंबर को उग्र आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने पहुंचे आंदोलनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शासन स्तर से गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई तो 1 सितंबर को शहीद दिवस के मौके पर पूरे कुमाऊं मंडल में आंदोलन तेज किया जाएगा।
आंदोलनकारियों के अनुसार चम्पावत, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल समेत पूरे कुमाऊं के राज्य आंदोलनकारी शहीद दिवस पर उग्र विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने सरकार से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।ला मेहता, पूर्व प्रधान, चकरपुर






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