केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल’ योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र से सामने आई तस्वीर इस योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर रही है। खटीमा तहसील की ग्रामसभा कूटरी के पचौरीया गांव में पाइपलाइन बिछाने और घरों के बाहर नल लगाने के बावजूद ग्रामीणों को अब तक पानी नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि महीनों पहले घरों के बाहर पानी की टोटियां तो लगा दी गईं, लेकिन उनमें पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। पेयजल की समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

नल और पाइपलाइन तैयार, फिर भी पानी का इंतजार
पचौरीया गांव में जल संस्थान की ओर से पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई है। कई घरों के बाहर नल भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उनके घर तक पानी पहुंच जाएगा और लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा।
लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक पाइपलाइन और नल लगाने के बावजूद पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में योजना के तहत किया गया काम फिलहाल ग्रामीणों के लिए अधूरा साबित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी और अन्य मौसम में उन्हें पेयजल के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है। पानी की जरूरत पूरी करने के लिए उन्हें दूसरे स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। उनका सवाल है कि जब घरों तक पाइपलाइन और नल पहुंचा दिए गए हैं, तो आखिर पानी की आपूर्ति कब शुरू होगी।

जनप्रतिनिधि ने उठाए योजना के क्रियान्वयन पर सवाल
पेयजल संकट को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य नेहा जोशी ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
नेहा जोशी का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा माना जा सकता है, जब उसका लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे। उनका आरोप है कि पचौरीया गांव में पाइपलाइन और नल लगाने के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने यह सवाल खड़ा है कि योजना का वास्तविक लाभ उन्हें कब मिलेगा।
उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि गांव की पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति शुरू कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
जल संस्थान ने बजट की कमी को बताया वजह
वहीं, जब इस पूरे मामले को लेकर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता वंशीधर भट्ट से सवाल किया गया, तो उन्होंने योजना के काम में बजट की समस्या का हवाला दिया।
अधिशासी अभियंता के मुताबिक केंद्र सरकार से बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण योजना का काम प्रभावित हुआ है। विभाग की ओर से बजट मिलने के बाद आवश्यक कार्यवाही पूरी कर पानी की सप्लाई शुरू करने की बात कही जा रही है।
हालांकि, विभाग की ओर से बजट की कमी को वजह बताए जाने के बाद ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्हें पानी के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा।
ग्रामीणों की परेशानी कब होगी दूर?
पचौरीया गांव में पाइपलाइन और नल लगाए जाने के बाद ग्रामीणों की उम्मीदें बढ़ी थीं कि अब उन्हें घर के नजदीक ही पेयजल की सुविधा मिल जाएगी। लेकिन पानी की सप्लाई शुरू नहीं होने से लोगों की परेशानी बरकरार है।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल पाइपलाइन बिछाने और नल लगाने से योजना का उद्देश्य पूरा नहीं होता। जब तक नियमित रूप से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं होती, तब तक ग्रामीणों को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल सकता।
इस मामले में अब निगाहें जल संस्थान और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीण चाहते हैं कि बजट से जुड़ी अड़चन को जल्द दूर किया जाए और जिन घरों के बाहर नल लगाए गए हैं, वहां नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
बड़ा सवाल
क्या ‘हर घर जल’ योजना के तहत पचौरीया गांव में लगाए गए नल जल्द पानी उगलेंगे?
क्या बजट की समस्या दूर होने के बाद योजना का अधूरा काम पूरा होगा?
और सबसे अहम सवाल—आखिर महीनों से पानी का इंतजार कर रहे ग्रामीणों को कब मिलेगी राहत?
फिलहाल, जनप्रतिनिधियों के आरोप और विभाग की ओर से बजट की कमी का तर्क सामने आने के बाद पचौरीया गांव की पेयजल व्यवस्था चर्चा में है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या का समाधान कितनी जल्दी करते हैं।





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