महाराष्ट्र के परभणी जिले में दर्दनाक हादसा, मंदिर परिसर में मची अफरा-तफरी
परभणी (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां स्थित यशवाड़ी देवस्थान के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भरे सभा मंडप की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

प्रसाद ग्रहण कर रहे थे श्रद्धालु, तभी हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब तीन बजे मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन चल रहा था और श्रद्धालु महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए कतार में खड़े थे। इसी दौरान हनुमान मंदिर के गर्भगृह के सामने स्थित निर्माणाधीन सभा मंडप की छत अचानक ढह गई।
छत गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और दर्जनों श्रद्धालु मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाया गया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया।
घायलों को तत्काल परभणी जिला अस्पताल और आसपास के चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। कई एंबुलेंस और मेडिकल टीमें भी मौके पर तैनात की गई हैं।
निर्माणाधीन मंडप पर उठे सवाल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस सभा मंडप की छत गिरी, वह निर्माणाधीन था। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन ने शुरू की जांच
हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक रूप से सभी मृतकों और घायलों की विस्तृत सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन राहत कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शोक में डूबा क्षेत्र
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। मंदिर में पूजा-अर्चना और प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने कभी नहीं सोचा था कि कुछ ही पलों में खुशियों का माहौल मातम में बदल जाएगा। स्थानीय लोग भी राहत कार्य में प्रशासन की मदद कर रहे हैं।
यह हादसा एक बार फिर सार्वजनिक स्थलों और निर्माणाधीन भवनों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।






Leave a Reply