अंबेडकरनगर। जिले के हंसवर थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर-मईपुर गांव में मंगलवार देर रात भीषण अग्निकांड से पांच परिवारों की गृहस्थी पल भर में राख हो गई। आग की चपेट में आने से दंपती समेत तीन लोग झुलस गए, जबकि एक भैंस की मौत हो गई और तीन अन्य पशु झुलस गए। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
सिलेंडर फटने से भड़की आग
जानकारी के अनुसार गांव निवासी अच्छेलाल की पत्नी विमला देवी मंगलवार रात घर के बाहर बैठी थीं। इसी दौरान अचानक उनके छप्परनुमा मकान में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा गैस सिलेंडर फट गया और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
कुछ ही मिनटों में आग ने सगे भाइयों गंगाराम, राजाराम और पड़ोसियों बलराम तथा ओमप्रकाश के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों और परिजनों ने किसी तरह घरों को खाली कराया और जान बचाकर बाहर निकले।

फायर ब्रिगेड की देरी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। सूचना मिलने पर हंसवर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।
लोगों ने प्रशासन और फायर विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका।
लाखों का नुकसान, पशुधन भी हुआ प्रभावित
अग्निकांड में गंगाराम, राजाराम, अच्छेलाल, बलराम और ओमप्रकाश के छप्परनुमा मकान समेत पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान आग की भेंट चढ़ गया।
आग में गंगाराम की एक भैंस की झुलसकर मौत हो गई, जबकि अच्छेलाल की दो और राजाराम की एक भैंस गंभीर रूप से झुलस गई। इसके अलावा राजाराम की बाइक, दो साइकिलें और एक ठेला भी जलकर नष्ट हो गया।

दंपती समेत तीन लोग झुलसे
आग की चपेट में आने से राजाराम, उनकी पत्नी गीता देवी और अच्छेलाल की पत्नी विमला देवी झुलस गईं। तीनों को तत्काल एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
प्रशासन ने कराया नुकसान का आकलन
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम डॉ. शशिशेखर, थानाध्यक्ष अभिनेष कुमार तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और राहत कार्यों का जायजा लिया।
ग्राम प्रधान दिलीप राजभर की सूचना पर लेखपाल सोनी चौधरी और राजस्व निरीक्षक रामनारायण गौड़ ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे किया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और पीड़ित परिवारों को आपदा राहत निधि से सहायता प्रदान की जाएगी।
पीड़ितों के लिए राहत और सहायता की व्यवस्था
एसडीएम ने कोटेदार को तत्काल प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं पशु चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर घायल पशुओं का उपचार किया।
एसडीएम डॉ. शशिशेखर ने बताया कि प्रभावित परिवारों को आपदा प्रबंधन के तहत हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मदद के लिए आगे आए जनप्रतिनिधि
घटना की जानकारी मिलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे। अकबरपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक रामअचल राजभर ने घायलों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की, जबकि अन्य प्रभावित परिवारों को दो-दो हजार रुपये की मदद दी।
टांडा विधायक राममूर्ति वर्मा ने भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर खाद्यान्न, बर्तन और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष जंग बहादुर यादव और विधानसभा अध्यक्ष संदीप यादव भी मौजूद रहे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने पीड़ित परिवारों का हालचाल जाना और प्रशासन से शीघ्र राहत तथा आवास की व्यवस्था करने की मांग की। वहीं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल देव वर्मा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
गांव में पसरा मातम, पुनर्वास की मांग तेज
अग्निकांड के बाद प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द राहत राशि और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि आग ने उनकी वर्षों की जमा-पूंजी और गृहस्थी को पल भर में खत्म कर दिया।
फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन कर राहत वितरण की तैयारी में जुटा हुआ है।






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