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AIIMS Rishikesh Convocation Ceremony 2026: एम्स ऋषिकेश के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधन, युवाओं को दी सेवा और राष्ट्र निर्माण की सीख

AIIMS Rishikesh Convocation Ceremony 2026: एम्स ऋषिकेश के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधन, युवाओं को दी सेवा और राष्ट्र निर्माण की सीख

सी. पी. राधाकृष्णन ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए युवा चिकित्सकों से सहानुभूति, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है, जिसे समर्पण और संवेदनशीलता के साथ निभाया जाना चाहिए।

AIIMS Rishikesh Convocation Ceremony 2026: एम्स ऋषिकेश के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधन, युवाओं को दी सेवा और राष्ट्र निर्माण की सीख

दीक्षांत समारोह: नई जिम्मेदारियों की शुरुआत

उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह वर्षों की मेहनत, अनुशासन और त्याग का परिणाम तो है ही, साथ ही यह समाज और राष्ट्र के प्रति एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत भी है। उन्होंने स्नातकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने पेशे को केवल करियर न मानें, बल्कि इसे सेवा का माध्यम बनाएं।

ऋषिकेश को हिमालय का प्रवेश द्वार बताते हुए उन्होंने इसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि ऐसा वातावरण इस समारोह की गरिमा को और बढ़ाता है।

कोविड काल में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख

कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया। उन्होंने देश के व्यापक टीकाकरण अभियान और “वैक्सीन मैत्री” पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने 100 से अधिक देशों को टीके उपलब्ध कराकर “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को साकार किया।

स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार की सराहना

उपराष्ट्रपति ने हेली एम्बुलेंस, टेलीमेडिसिन और ड्रोन के माध्यम से दवाइयों की आपूर्ति जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन नवाचारों से दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने में मदद मिल रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में नए एम्स संस्थानों की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा की पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा का आह्वान

इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.) ने भी युवा चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों को अवसर में बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीज केवल इलाज ही नहीं, बल्कि विश्वास और संवेदनशीलता की उम्मीद लेकर डॉक्टर के पास आता है।

मुख्यमंत्री धामी ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीक्षांत समारोह में शामिल सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में उनका योगदान समाज और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्थापित एम्स ऋषिकेश आज प्रदेश के लिए जीवन रक्षक संस्थान बन चुका है, जहां कैंसर उपचार, न्यूरोसर्जरी और रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहा विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, टेलीमेडिसिन नेटवर्क का विस्तार, सस्ती दवाइयों की उपलब्धता और मुफ्त जांच जैसी योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है।

अनुप्रिया पटेल का संदेश

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र केवल करियर नहीं, बल्कि मानव सेवा का माध्यम है। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे मरीजों के विश्वास को सर्वोपरि रखें और नैतिकता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

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