दिल्ली के उत्तम नगर में हुई तरुण खटीक की क्रूर हत्या ने पूरे उत्तर प्रदेश में खटीक समाज में रोष की लहर पैदा कर दी है। इस मामले में अब सहारनपुर जिले के हकीकत नगर धरना स्थल पर भारतीय खटीक महासभा के संस्थापक श्री राजेश जौहरी की अगुवाई में बड़ी संख्या में खटीक समाज के लोगों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने जिला अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पीड़ित परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर अपराधियों को मृत्युदंड दिया जाए।
- हत्या में शामिल सभी आरोपियों और साजिशकर्ताओं की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
- पीड़ित परिवार को 2 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
- पीड़ित परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- पीड़ित परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए।
प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का विवरण
सहारनपुर के हकीकत नगर धरना स्थल पर जमा सैकड़ों खटीक समाज के लोगों ने नारेबाजी की और दिल्ली पुलिस तथा उत्तर प्रदेश सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की। भारतीय खटीक महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि तरुण खटीक की हत्या सिर्फ एक व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि पूरे समाज पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या में साजिश रची गई थी और इसमें कई लोग शामिल हैं, जिन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
श्री राजेश जौहरी ने कहा, “तरुण खटीक की हत्या ने पूरे खटीक समाज को झकझोर दिया है। हम शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग कर रहे हैं। अगर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो हम राज्यव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।”

पीड़ित परिवार की स्थिति
तरुण खटीक की हत्या के बाद उनका परिवार सदमे में है। परिवार का आरोप है कि हत्या पूर्व नियोजित थी और इसमें कई लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि परिवार को तत्काल सुरक्षा दी जाए ताकि कोई बदला न ले सके।
जिला अधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस को निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जांच तेजी से चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

समाज में बढ़ता आक्रोश
यह मामला अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। सहारनपुर के अलावा अन्य जिलों में भी खटीक समाज के लोग इस घटना को लेकर सतर्क हैं। कई संगठनों ने कहा है कि अगर न्याय में देरी हुई तो वे दिल्ली तक मार्च निकालेंगे।
क्या आपको लगता है कि इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट और मृत्युदंड की मांग जायज है? या सरकार को और क्या कदम उठाने चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।







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