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Uttarakhand will be made the spiritual capital of the world : मुख्यमंत्री धामी ने माँ पूर्णागिरि मेले-2026 का किया भव्य शुभारंभ

Uttarakhand will be made the spiritual capital of the world : मुख्यमंत्री धामी ने माँ पूर्णागिरि मेले-2026 का किया भव्य शुभारंभ

टनकपुर (चंपावत), 27 फरवरी 2026 – उत्तराखंड के सीमांत जिले चंपावत के टनकपुर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ पूर्णागिरि धाम में वार्षिक मेले-2026 का आज विधिवत शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ठुलीगाड़ में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा भी मौजूद रहे। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।

Uttarakhand will be made the spiritual capital of the world : मुख्यमंत्री धामी ने माँ पूर्णागिरि मेले-2026 का किया भव्य शुभारंभ

मुख्यमंत्री का संबोधन: मुख्य बिंदु

मुख्यमंत्री धामी ने माँ पूर्णागिरि के चरणों में नमन करते हुए प्रदेशवासियों और समस्त श्रद्धालुओं के लिए सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा:

  • “अधर्म-अन्याय हारता है, सच ही जीतता है” – नहीं, बल्कि यहां आस्था की बात की गई: “माँ पूर्णागिरि का आशीर्वाद उत्तराखंड वासियों एवं समस्त श्रद्धालुओं पर सदैव बना रहे।”
  • उत्तराखंड की पवित्र भूमि देवताओं का धाम है, जहां कण-कण में दिव्यता समाई हुई है।
  • मेला ऐसे समय में लगता है जब मौसम सुहावना हो जाता है और प्रकृति स्वयं तीर्थयात्रियों का स्वागत करती है।
  • मेले को सालभर संचालित करने का संकल्प लिया गया। पूर्णागिरि धाम को स्थायी संरचनाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि आगामी वर्षों में यह और भव्य एवं सुव्यवस्थित बने।
  • सरकार माँ पूर्णागिरि धाम को विशाल आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने का लक्ष्य है।
Uttarakhand will be made the spiritual capital of the world : मुख्यमंत्री धामी ने माँ पूर्णागिरि मेले-2026 का किया भव्य शुभारंभ

विकास योजनाओं और सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन सुगम बनाया जाए और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रमुख घोषणाएं और योजनाएं:

  • पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण कार्य जारी है, जिससे यात्रा और आसान होगी।
  • मल्टी-लेवल पार्किंग, परिवहन सुविधाओं का विस्तार और स्वच्छता पर विशेष ध्यान।
  • पूर्णागिरि धाम के आसपास के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन स्थलों को जोड़कर विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा।
  • संचार व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए विशेष कार्य, ताकि श्रद्धालुओं को निर्बाध कनेक्टिविटी मिले।
  • मेले क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल, साफ शौचालय, बेहतर धर्मशालाएं और समग्र स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी।
  • भविष्य की दृष्टि से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में लाखों अधिक श्रद्धालु पहुंच सकें और अच्छा अनुभव लेकर जाएं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

मेले का महत्व

माँ पूर्णागिरि धाम उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में शुमार है। मेला सामान्यतः 27 फरवरी से 15 जून तक चलता है, लेकिन सरकार इसे 12 महीने संचालित करने की दिशा में काम कर रही है। यह न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि चंपावत जिले में धार्मिक, साहसिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने का माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संपूर्ण चंपावत को हर क्षेत्र में विकसित और अग्रणी बनाने का कार्य जारी है। कनेक्टिविटी, शिक्षा और पर्यटन में तेजी से प्रगति हो रही है। यह मेला आस्था, संस्कृति और विकास का अनूठा संगम साबित होगा।

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