देहरादून, 18 फरवरी 2026 – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के कैंट रोड से सड़क सुरक्षा जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित 5 किलोमीटर दौड़ का फ्लैग ऑफ किया। इस दौड़ में विभिन्न आयु वर्गों के सैकड़ों उत्साही प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसमें छात्र, युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और सरकारी कर्मचारी शामिल थे।

मुख्यमंत्री ने दिलाई शपथ
फ्लैग ऑफ करने के बाद मुख्यमंत्री श्री धामी ने सभी प्रतिभागियों को एक साथ खड़ा कराकर सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा:
“यातायात के नियमों का पालन करना और पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतें और पर्यावरण प्रदूषण हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरा हैं। आज की यह दौड़ सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संकल्प है – सुरक्षित सड़कें और स्वच्छ पर्यावरण के लिए।”
दौड़ का उद्देश्य और महत्व
यह दौड़ परिवहन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य था:
- सड़क सुरक्षा नियमों (हेलमेट, सीट बेल्ट, स्पीड लिमिट, मोबाइल फोन न यूज) के प्रति जागरूकता फैलाना
- प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और पेड़ लगाने की प्रेरणा देना
- युवाओं में फिटनेस और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना जगाना
प्रतिभागियों ने दौड़ के दौरान “सुरक्षित सड़क, सुरक्षित जीवन”, “हरियाली बचाओ, पर्यावरण बचाओ”, “हेलमेट पहनो, जान बचाओ” जैसे नारे लगाते हुए शहर के मुख्य मार्गों से गुजरे। दौड़ का समापन कैंट रोड पर ही हुआ, जहां सभी को प्रमाण-पत्र और पौधे वितरित किए गए।

मौके पर मौजूद प्रमुख लोग
इस अवसर पर उपस्थित थे:
- विधायक श्री खजान दास
- विधायक श्रीमती सविता कपूर
- परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
- जिला प्रशासन के अधिकारी
- बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक
मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा:
“सड़क दुर्घटनाएं और पर्यावरण प्रदूषण आज की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। हमारी सरकार ने सड़क सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए हैं, जिसमें हेलमेट चेकिंग, स्पीड गन और ई-चालान सिस्टम शामिल हैं। साथ ही, राज्य में 1 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब हर नागरिक खुद जागरूक होकर इन नियमों का पालन करेगा।”
यह दौड़ न केवल फिटनेस और जागरूकता का माध्यम बनी, बल्कि उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-आंदोलन की शुरुआत भी साबित हुई।
उत्तराखंड में सुरक्षित सड़कें, स्वच्छ पर्यावरण – हम सबकी जिम्मेदारी
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