देहरादून, 11 फरवरी 2026 – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पिटकुल की सभी परियोजनाएं और तैयारियां अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएं, ताकि ग्रीष्मकाल में जीरो लोडशेडिंग सुनिश्चित हो सके।

विद्युत चोरी और वितरण लॉस पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने बैठक में सबसे सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि विद्युत वितरण लॉस को न्यूनतम करने और विद्युत चोरी पर पूरी तरह रोक लगाने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा:
“विद्युत चोरी और लॉस राज्य की अर्थव्यवस्था और आमजन की बिजली आपूर्ति दोनों के लिए घातक है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
ग्रीष्मकालीन चुनौतियों से निपटने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने यूजेवीएनएल, पिटकुल और यूपीसीएल को अभी से सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- सभी औपचारिकताएं मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएं।
- अप्रैल 2026 में सभी परियोजनाओं का शुभारंभ हो।
- ग्रीष्मकाल में बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए विशेष योजना बनाई जाए।

सीएसआर फंड का पारदर्शी और रचनात्मक उपयोग
मुख्यमंत्री ने सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) मद में प्राप्त धनराशि के लिए अलग खाता खोलने और उसका अधिकतम एवं बहु-रचनात्मक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड का पैसा समाज के वास्तविक उत्थान में लगना चाहिए, न कि कागजों पर।
एडीबी और मुख्यमंत्री घोषणाओं की परियोजनाओं पर तेजी
मुख्यमंत्री ने एडीबी पोषित परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया।
- बहादराबाद (हरिद्वार), कोटद्वार (पौड़ी), भिकियासैंण (अल्मोड़ा), कपकोट (बागेश्वर) और नंदप्रयाग (चमोली) में भूमि आवंटन एवं स्थानांतरण की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी हो।
- मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत शिलान्यास की गई सभी परियोजनाओं को तत्काल प्रभाव से पूरा किया जाए।
- निरंतर निगरानी और प्रभावी प्रगति सुनिश्चित की जाए।
पिटकुल की उल्लेखनीय उपलब्धियां
पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने बैठक में बताया कि:
- आरईसी ने पिटकुल की क्रेडिट रेटिंग A+ से A++ की, जिससे ऋणों पर 0.5% छूट मिलेगी।
- अंतरराष्ट्रीय पत्रिका पावर लाइन ने पिटकुल को “पावर लाइन ट्रांस टेक इंडिया अवार्ड-2025” से सम्मानित किया।
- वित्तीय वर्ष 2024-25 में पिटकुल ने ₹1243 करोड़ का लाभांश राज्य सरकार को दिया – अब तक का सर्वाधिक।
- पिछले 4 वर्षों में 22 परियोजनाएं पूर्ण की गईं।

गतिमान परियोजनाएं
- एडीबी पोषित: 220 एवं 120 केवी उप-संस्थान (मंगलौर, सेलाकुई, आराघर, खटीमा, धौलाखेड़ा, लोहाघाट, सरवरखेड़ा)
- नॉन-एडीबी पोषित: 400, 220 एवं 132 केवी उप-संस्थान (पीपलकोटी, घनसाली, बनबसा, रानीहाट, ऋषिकेश, अल्ट्राटेक, सिमली)
बैठक में मौजूद प्रमुख लोग
बैठक में शामिल थे:
- मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन
- प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम
- सचिव श्री पंकज पांडेय, श्री सी. रवि शंकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, श्री विनय शंकर पाण्डेय
- प्रबंध निदेशक उत्तराखंड जल विद्युत निगम डॉ. संदीप सिंघल
- प्रबंध निदेशक यूपीसीएल श्री अनिल कुमार
- अन्य वरिष्ठ अधिकारी
मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा:
“विद्युत व्यवस्था को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। ग्रीष्मकाल में बिजली की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। पिटकुल की उपलब्धियां सराहनीय हैं, लेकिन अब हमें और तेजी से काम करना होगा। पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही से ही हम उत्तराखंड को ऊर्जा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।”
यह बैठक राज्य की विद्युत व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों से उम्मीद है कि ग्रीष्म 2026 में उत्तराखंडवासियों को निर्बाध बिजली मिलेगी।







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