मायावती ने ‘साम-दाम-दंड-भेद’ मंत्र के साथ UP 2027 की तैयारियों को दी रफ्तार! बसपा पदाधिकारियों के साथ की अहम बैठक, भाजपा पर तीखा हमला

मायावती ने ‘साम-दाम-दंड-भेद’ मंत्र के साथ UP 2027 की तैयारियों को दी रफ्तार! बसपा पदाधिकारियों के साथ की अहम बैठक, भाजपा पर तीखा हमला

लखनऊ, 7 फरवरी 2026 – बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को तेज करने के लिए पार्टी के प्रदेश, मंडल, जिला और विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मायावती ने स्पष्ट रूप से कहा कि बसपा का लक्ष्य ‘मिशन-2007’ की तर्ज पर ‘मिशन-2027’ को साकार करना है, ताकि उत्तर प्रदेश में फिर से ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति पर आधारित पूर्ण बहुमत की सरकार बन सके।

मायावती ने ‘साम-दाम-दंड-भेद’ मंत्र के साथ UP 2027 की तैयारियों को दी रफ्तार! बसपा पदाधिकारियों के साथ की अहम बैठक, भाजपा पर तीखा हमला

बैठक में क्या हुआ?

मायावती ने बैठक में मौजूद पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बसपा हमेशा से सर्वसमाज को साथ लेकर चलने की नीति पर कायम रही है। उन्होंने मौजूदा भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि कुछ गिने-चुने लोगों को छोड़कर समाज का हर वर्ग सरकार से दुखी और त्रस्त है। विशेष रूप से ब्राह्मण समाज की स्थिति पर उन्होंने गहरा दुख जताया और कहा कि उपेक्षा, असुरक्षा और असम्मान के खिलाफ ब्राह्मण समाज की नाराजगी अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है।

मायावती ने सवाल उठाया:
“क्या किसी अन्य दल या सरकार ने ब्राह्मण समाज को उतना सम्मान, पद और सुरक्षा दी है, जितनी बसपा सरकार में दी गई थी?”

उन्होंने दोहराया कि बसपा की सरकार में ‘कानून का राज’ सख्ती से लागू किया गया था, जिससे सभी धर्मों और वर्गों के लोगों की जान-माल और मजहब की सुरक्षा सुनिश्चित हुई और प्रदेश में सामाजिक सौहार्द व विकास का माहौल बना।

मायावती ने ‘साम-दाम-दंड-भेद’ मंत्र के साथ UP 2027 की तैयारियों को दी रफ्तार! बसपा पदाधिकारियों के साथ की अहम बैठक, भाजपा पर तीखा हमला

आरक्षण, रोजगार और यूजीसी नियमों पर सवाल

मायावती ने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आरक्षण विरोधी रवैये के कारण इन वर्गों को नौकरियों और पदोन्नति में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही यूजीसी के नए नियमों को सामाजिक समरसता के बजाय सामाजिक तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया।

उन्होंने रोजगार की कमी, ठेका और आउटसोर्स व्यवस्था से बढ़ते शोषण, शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं की गिरती गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई।

SIR (वोटर लिस्ट अपडेट) पर भी प्रतिक्रिया

मायावती ने वर्तमान SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया पर भी राज्य सरकार से अपील की कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं, ताकि गरीब, मजदूर, महिलाएं और अशिक्षित वर्ग वोटर सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रह जाएं। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता विरोधी दलों के ‘साम-दाम-दंड-भेद’ जैसे हथकंडों और पार्टी को कमजोर करने के षड्यंत्रों का मजबूती से मुकाबला कर रहे हैं।

संसद सत्र पर भी निशाना

मायावती ने मौजूदा संसद सत्र पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सत्ता और विपक्ष के बीच लगातार टकराव के कारण सदन का कामकाज बाधित हो रहा है। जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा नहीं हो पा रही। विपक्ष और सत्ता दोनों ही एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं, जबकि देश की जनता के हित के मुद्दों पर बहस होनी चाहिए।

मिशन-2027 की रूपरेखा

मायावती ने बैठक में स्पष्ट किया कि बसपा अब संगठनात्मक पुनर्संरचना, जमीनी कार्ययोजना और चुनावी तैयारियों पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जन-जन तक बसपा की नीतियों और पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों को पहुंचाएं।

बसपा सुप्रीमो का संदेश
“उत्तर प्रदेश में फिर से ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की सरकार बनाने के लिए हमें संगठन को और मजबूत करना होगा। ‘साम-दाम-दंड-भेद’ जैसे हथकंडों से डरने की कोई जरूरत नहीं। जनता के साथ हैं तो जीत हमारी होगी।”

यह बैठक 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों को निर्णायक गति देने वाली मानी जा रही है। बसपा अब हर जिले और विधानसभा में सक्रियता बढ़ाने जा रही है।

क्या मायावती का यह मिशन 2027 में कामयाब होगा?
आपकी राय कमेंट में जरूर बताएं।

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