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Ajit Pawar’s ashes immersion ceremony 2026 : हरिद्वार से शुरू हुआ अजित पवार की अस्थि विसर्जन कार्यक्रम..

Ajit Pawar’s ashes immersion ceremony 2026 : हरिद्वार से शुरू हुआ अजित पवार की अस्थि विसर्जन कार्यक्रम..

हरिद्वार (उत्तराखंड), 5 फरवरी 2026 – महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित अनंतराव पवार की अस्थियों का विसर्जन कार्यक्रम आज हरिद्वार से शुरू हो गया। 28 जनवरी को बारामती में हुए प्लेन क्रैश हादसे में असामयिक निधन के बाद देश के विभिन्न पवित्र स्थलों में उनकी अस्थियां विसर्जित की जा रही हैं। इस क्रम में सबसे पहले हरिद्वार के VIP घाट पर विधि-विधान के साथ गंगा में अस्थि विसर्जन किया गया।

Ajit Pawar's ashes immersion ceremony हरिद्वार से शुरू हुआ अजित पवार की अस्थि विसर्जन कार्यक्रम

कार्यक्रम का विवरण

हरिद्वार के VIP घाट पर एनसीपी की युवा शाखा और राष्ट्रीय युवक कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।

  • मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने अजित पवार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अस्थियां गंगा में विसर्जित की गईं।
  • इस दौरान “अजित दादा अमर रहे” के नारे गूंजे और कई कार्यकर्ताओं की आंखें नम हो गईं।
Ajit Pawar's ashes immersion ceremony हरिद्वार से शुरू हुआ अजित पवार की अस्थि विसर्जन कार्यक्रम

राष्ट्रीय युवक कांग्रेस अध्यक्ष धीरज शर्मा का बयान

राष्ट्रीय युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान बताया:
“अजित पवार जी की अस्थियों का विसर्जन हरिद्वार से शुरू होकर काशी (वाराणसी), रामेश्वरम, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश सहित देश के कई अन्य पवित्र स्थलों की नदियों में किया जाएगा। यह कार्यक्रम उनके जीवन, योगदान और महाराष्ट्र के विकास में उनकी भूमिका को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का एक तरीका है। अजित दादा ने हमेशा युवाओं को आगे बढ़ने और समाज सेवा का संदेश दिया। हम उनकी याद को जिंदा रखना चाहते हैं।”

Ajit Pawar's ashes immersion ceremony

अजित पवार की स्मृति में विशेष आयोजन

कार्यक्रम में मौजूद एनसीपी और युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक रस्म नहीं है, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा है।

  • अजित पवार को बारामती का “दादा” और महाराष्ट्र के सहकारी क्षेत्र का मजबूत स्तंभ माना जाता था।
  • उनकी मौत ने पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ाई थी।
  • इस विसर्जन कार्यक्रम से उनकी स्मृति को देशभर में जीवित रखने की कोशिश की जा रही है।

राजनीतिक और भावनात्मक महत्व

यह कार्यक्रम न केवल अजित पवार के निधन के बाद की श्रद्धांजलि है, बल्कि एनसीपी और युवा कांग्रेस के लिए एकजुटता का भी प्रतीक बन गया है। हरिद्वार से शुरू होने वाला यह अभियान देश के विभिन्न हिस्सों में जारी रहेगा।

हमारी गहरी संवेदनाएं अजित पवार के परिवार, एनसीपी कार्यकर्ताओं और महाराष्ट्र की जनता के साथ हैं।
अजित दादा अमर रहें। 🙏

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