दिल्ली के रोहिणी में ‘हम सबका उत्तराखण्ड’ संस्था द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड महोत्सव रोहिणी सीजन–02 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी, लोक कलाकार, युवा और महिलाएं मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने लोक संस्कृति को विकास से जोड़ने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” मंत्र पर राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्य बातें मुख्यमंत्री के संबोधन से
- लोक संस्कृति का संरक्षण: मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति आज भी गीतों, नृत्य, वेशभूषा और परंपराओं के माध्यम से जीवित है। ऐसे आयोजन प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं और आने वाली पीढ़ियों में गर्व की भावना जगाते हैं।
- विकास और विरासत का संतुलन: केदारनाथ-बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, मंदिर माला मिशन, विंटर टूरिज्म, ‘वेड इन उत्तराखण्ड’, होम-स्टे और एडवेंचर टूरिज्म जैसी योजनाओं से आस्था के साथ पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिला है।
- महिला सशक्तिकरण: लखपति दीदी योजना, एक जनपद-दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं।
- प्रवासियों की भूमिका: मुख्यमंत्री ने कहा कि देश-विदेश में बसे उत्तराखंडी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहराई से जुड़े हैं। ऐसे महोत्सव उन्हें अपनी संस्कृति और राज्य से भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं।
- उत्तराखंड की प्रगति: सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य ने प्रति व्यक्ति आय, बिजली उत्पादन, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुशासन में उल्लेखनीय प्रगति की है। पलायन रोकने और युवाओं को रोजगार देने में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

‘उत्तराखण्ड के सितारे’ सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘उत्तराखण्ड के सितारे’ सम्मान से तीन प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को नवाजा:
- सौरभ जोशी (प्रसिद्ध सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर)
- डॉ. मनोज गोरखेला (हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं वरिष्ठ चिकित्सक)
- कल्पना चौहान (प्रसिद्ध लोक गायिका)
कार्यक्रम का महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन न केवल लोक कलाकारों को मंच और सम्मान देते हैं, बल्कि समाज को सेवा, संस्कार और एकता की भावना से भी जोड़ते हैं। यह महोत्सव प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए एक सशक्त संवाद मंच बन गया है।
कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कलाकार और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
उत्तराखंड अब सिर्फ आस्था और सुंदरता का नहीं, बल्कि संस्कृति, पर्यटन और आर्थिक प्रगति का भी मजबूत केंद्र बन रहा है।








Leave a Reply