Ajit Pawar’s News 2026: बारामती में अजित का भावुक अंतिम संस्कार…

Ajit Pawar’s News 2026: बारामती में अजित का भावुक अंतिम संस्कार…

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित अनंतराव पवार का आज उनके राजनीतिक गढ़ बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

विमान दुर्घटना में असामयिक निधन के बाद आज सुबह 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड (काटेवाड़ी) पर यह भावुक विदाई हुई। उनके दोनों बेटों पार्थ पवार और जय पवार ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में “अजित दादा अमर रहे” के नारे गूंजते रहे और लाखों की भीड़ ने आंसू बहाकर श्रद्धांजलि दी।

Ajit Pawar's News: बारामती में अजित पवार का भावुक अंतिम संस्कार, लाखों समर्थकों ने दी विदाई,

अंतिम संस्कार का पूरा विवरण

  • समय और स्थान: सुबह 9 बजे गदिमा सभागार से अंतिम यात्रा शुरू हुई, जो विद्यानगरी चौक, भिगवन सर्विस रोड और विद्या प्रतिष्ठान के मार्ग से होते हुए मुख्य मैदान पहुंची। अंतिम संस्कार ठीक 11 बजे शुरू हुआ और मंत्रोच्चार के बीच पूरा हुआ।
  • राजकीय सम्मान: पार्थिव शरीर पर तिरंगा लिपटा था। अंतिम संस्कार से पहले राष्ट्रीय ध्वज उनके बेटे जय पवार को सौंपा गया। गन सैल्यूट दिया गया और पूरे राज्य में 3 दिनों का शोक मनाया जा रहा है।
  • परिवार की मौजूदगी: पत्नी सुनेत्रा पवार ने भावुक होकर पति के चेहरे से लिपटकर विदाई दी। भतीजी सुप्रिया सुले ने चरण स्पर्श किए। चाचा शरद पवार और पूरा परिवार मौजूद रहा।
  • भीड़ और भावनाएं: बारामती में पूरा शहर बंद रहा। मुस्लिम समर्थकों का सैलाब उमड़ा। लोग “दादा” को हीरो मानते थे, उनकी अंतिम यात्रा में हजारों ने फूल बरसाए और नम आंखों से अलविदा कहा।
Ajit Pawar's News: बारामती में अजित पवार का भावुक अंतिम संस्कार, लाखों समर्थकों ने दी विदाई,

प्रमुख नेताओं की उपस्थिति

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह 10:15 बजे पहुंचे और श्रद्धांजलि दी।
  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, गोवा के मुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश के मंत्री भी शामिल हुए।
  • भाजपा अध्यक्ष और अन्य राष्ट्रीय नेता मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही शोक व्यक्त किया था और संभावित रूप से शामिल होने की बात थी।

अजित पवार की मौत ने महाराष्ट्र की राजनीति में गहरा शून्य छोड़ा है। वे सहकारी क्षेत्र के बड़े नेता थे और बारामती को मॉडल कंस्टीट्यूएंसी बनाया। उनकी अंतिम विदाई ने परिवार, कार्यकर्ताओं और जनता को एकजुट कर दिखाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Author

https://m7.media9news.com/media9/hls/jnnews.m3u8