दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में एक और सफलता हासिल की है। स्पेशल सेल ने सिक्किम से तिलक नाम के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, तिलक इस पूरे ड्रग्स सिंडिकेट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।

मामले में तिलक का रोल क्या था?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि तिलक लंबे समय से थाईलैंड से बड़े पैमाने पर गांजा आयात करवाता था। वह इसे भारत के विभिन्न राज्यों में सप्लाई करने का काम देखता था। उसकी गिरफ्तारी से नेटवर्क के विदेशी रूट, मनी ट्रेल और अन्य साथियों के नाम खुलने की पूरी उम्मीद है।
13,000 करोड़ की अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी
यह गिरफ्तारी उस ऐतिहासिक कार्रवाई से जुड़ी है, जो 2 अक्टूबर 2024 को दिल्ली, गुजरात और पंजाब में एक साथ की गई थी। उस दौरान स्पेशल सेल ने करीब 13,000 करोड़ रुपये कीमत की कोकीन और गांजा बरामद किया था। यह देश की अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी मानी जा रही है। इस मामले में अब तक 15 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

विदेशों तक फैले हैं नेटवर्क के तार
जांच में सामने आया है कि यह पूरा ड्रग्स कारोबार एक संगठित अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के तहत संचालित किया जा रहा था, जिसके तार कई देशों तक फैले हुए हैं। पुलिस का मानना है कि तिलक की गिरफ्तारी से नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन को लेकर कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
मास्टरमाइंड फरार, बेटे पर इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस
पुलिस के मुताबिक, पूरे ड्रग्स कारोबार का सरगना वीरेंद्र बसोया बताया जा रहा है, जो फिलहाल देश से बाहर फरार है। उसके बेटे ऋषभ बसोया के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है। पुलिस अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर दोनों की तलाश में जुटी है।

रेड कॉर्नर नोटिस क्या होता है
जब कोई आरोपी अपराध करने के बाद देश छोड़कर विदेश भाग जाता है, तो उसकी गिरफ्तारी के लिए संबंधित देश की पुलिस इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की मांग करती है। इससे आरोपी को किसी भी देश में पकड़ा जा सकता है।
दिल्ली पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर आपको ड्रग्स तस्करी या नशे से जुड़ी कोई जानकारी मिले, तो तुरंत स्पेशल सेल या नजदीकी थाने में सूचना दें। नशा मुक्त समाज के लिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है।







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