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VB-G RAM G अधिनियम: CM धामी बोले – गांवों को मजबूत बनाने का क्रांतिकारी कदम, 125 दिन रोजगार गारंटी और 9% प्रशासनिक बजट वृद्धि

VB-G RAM G अधिनियम: CM धामी बोले – गांवों को मजबूत बनाने का क्रांतिकारी कदम, 125 दिन रोजगार गारंटी और 9% प्रशासनिक बजट वृद्धि

देहरादून, 3 जनवरी 2026 – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मीडिया सेंटर, सचिवालय में प्रेस से बातचीत में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G अधिनियम) को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल मनरेगा का नाम बदलाव नहीं है, बल्कि ग्रामीण रोजगार नीति की संरचनात्मक पुनर्रचना है। इससे ग्रामीण क्षेत्र और इकाइयां मजबूत होंगी, और गांवों का विकास तेज होगा। धामी ने इसे किसानों की सुरक्षा, श्रमिकों के रोजगार, महिलाओं के सम्मान, और विकसित भारत की नींव के रूप में महत्वपूर्ण करार दिया। इस अधिनियम के तहत कई क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं, जो ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

यह अधिनियम मनरेगा की जगह लेगा और ग्रामीण विकास को नई ऊर्जा देगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि VB-G RAM G से गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, पलायन रुकेगा, और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। SBI की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना राज्यों को ₹17,000 करोड़ का शुद्ध लाभ देगी, जो गरीबी के मूल कारणों पर प्रहार करेगी।

VB-G RAM G अधिनियम: CM धामी बोले - गांवों को मजबूत बनाने का क्रांतिकारी कदम, 125 दिन रोजगार गारंटी और 9% प्रशासनिक बजट वृद्धि

रोजगार गारंटी में बढ़ोतरी: 100 से 125 दिन, बेरोजगारी भत्ता अनिवार्य

मुख्यमंत्री धामी ने अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला। VB-G RAM G के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 की जगह 125 दिन के रोजगार का अधिकार मिलेगा, जो 25% अधिक है। अगर 15 दिन में काम न मिले, तो बेरोजगारी भत्ता अनिवार्य रूप से दिया जाएगा, और इसके लिए अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। भुगतान साप्ताहिक होगा, और विलंब पर मुआवजे का प्रावधान है। यह बदलाव ग्रामीण श्रमिकों को आर्थिक स्थिरता देगा, खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में जहां मौसमी बेरोजगारी बड़ी समस्या है।

धामी ने कहा कि यह योजना गरीब-विरोधी नहीं है, बल्कि गरीबी के मूल पर प्रहार है। उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है, जहां आपदा और मौसमी चुनौतियां रोजगार को प्रभावित करती हैं।

तकनीक से पारदर्शिता: बायोमेट्रिक हाजिरी से AI फ्रॉड डिटेक्शन तक

VB-G RAM G में तकनीक का व्यापक उपयोग होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि बायोमेट्रिक हाजिरी, जियो-टैगिंग, GIS मैपिंग, मोबाइल ऐप, सार्वजनिक डैशबोर्ड, और AI आधारित फ्रॉड डिटेक्शन का प्रावधान किया गया है। साल में दो बार अनिवार्य सोशल ऑडिट होगा। ये उपाय योजना को भ्रष्टाचार-मुक्त बनाएंगे और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। धामी ने कहा कि यह तकनीक आधारित बदलाव योजना को और प्रभावी बनाएंगे, जहां पहले भ्रष्टाचार की शिकायतें आम थीं।

किसानों की सुरक्षा: बुवाई-कटाई में काम रोका जाएगा

अधिनियम में किसान हितों की स्पष्ट सुरक्षा की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती के बुवाई और कटाई के मौसम में अधिकतम 60 दिन तक योजना के काम कानूनी रूप से रोके जा सकेंगे। इससे किसानों को मजदूरों की कमी नहीं होगी, खेती की लागत नहीं बढ़ेगी, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था संतुलित रहेगी। उत्तराखंड जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए यह प्रावधान महत्वपूर्ण है, जहां पर्वतीय किसान मौसमी मजदूरों पर निर्भर रहते हैं।

VB-G RAM G अधिनियम: CM धामी बोले - गांवों को मजबूत बनाने का क्रांतिकारी कदम, 125 दिन रोजगार गारंटी और 9% प्रशासनिक बजट वृद्धि

राज्य सभा को सशक्तिकरण: 50% कार्य स्थानीय स्तर पर

धामी ने कहा कि VB-G RAM G ग्राम पंचायत और ग्राम सभा को असली ताकत देगा। काम थोपे नहीं जाएंगे, बल्कि विकास कार्यों का चिन्हीकरण ग्राम सभा द्वारा तय होगा। कम से कम 50% कार्य सीधे ग्राम पंचायतों के स्तर पर होंगे। जॉब कार्ड, पंजीकरण, योजना निर्माण जैसे कार्य ग्राम सभा के स्थानीय स्तर पर तय होंगे। यह विकेंद्रीकरण ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत करेगा और स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देगा।

गुणवत्ता पर फोकस: जल संरक्षण से आपदा प्रबंधन तक

अधिनियम में काम की गुणवत्ता और उपयोगिता पर विशेष प्रावधान है। कार्यों में जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका परिसंपत्तियां, और आपदा प्रबंधन शामिल होंगे। तालाब, चेकडैम, स्टॉपडैम, सड़क, नाली, स्कूल, अस्पताल, SHG शेड, स्किल सेंटर, हाट, रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज, पिचिंग जैसे कार्य होंगे। इससे सबको काम मिलेगा और गांव मजबूत होंगे। उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के लिए यह उपयोगी साबित होगा।

महिला सशक्तिकरण: SHG को स्किल सेंटर और हाट

मुख्यमंत्री ने कहा कि VB-G RAM G में महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस है। स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं के लिए स्किल सेंटर, शेड निर्माण, ग्रामीण हाट आदि बनाए जाएंगे। इससे महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिलेगा, और लिंग समानता को बढ़ावा मिलेगा।

राज्यिक ढांचा मजबूत: 6% से 9% बजट वृद्धि

धामी ने बताया कि योजना में प्रशासनिक ढांचे को मजबूती दी गई है। ग्राम रोजगार सहायक, फील्ड असिस्टेंट, तकनीकी सहायक आदि की भूमिका महत्वपूर्ण है। इनके प्रशिक्षण, मानदेय और निगरानी के लिए प्रशासनिक खर्च 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है। इससे काम की गुणवत्ता बढ़ेगी, भुगतान समय पर होगा, और निगरानी मजबूत होगी।

वित्तीय प्रबंधन: हिमालयी राज्यों को 90% केंद्र सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि VB-G RAM G में निष्पक्ष वित्तीय प्रबंधन है। सामान्य राज्यों के लिए 60:40 अनुपात, और हिमालयी/पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 90:10 अनुपात है। स्पष्ट वार्षिक बजट का प्रावधान किया गया है, जहां पहले अनिश्चितता थी। उत्तराखंड को केंद्र से 90% सहयोग मिलेगा, जिससे राज्य पर बोझ नहीं पड़ेगा और विकास तेज होगा।

राज्याखंड के लिए महत्व: पर्वतीय चुनौतियों का समाधान

धामी ने कहा कि VB-G RAM G उत्तराखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पर्वतीय और आपदा-संवेदनशील राज्य में जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण अवसंरचना में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह अधिनियम उत्तराखंड के गांवों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाएगा, और ग्रामसभाओं के विकास को मजबूती देगा।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट, विधायक श्री दलीप रावत मौजूद रहे।

यह अधिनियम ग्रामीण भारत के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। क्या आपको लगता है कि VB-G RAM G पलायन रोकने में कारगर होगा? कमेंट्स में बताएं। हमारे ब्लॉग को फॉलो करें उत्तराखंड और राष्ट्रीय योजनाओं की अपडेट्स के लिए – जय हिंद!

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