देहरादून, 30 दिसंबर 2025 – देवभूमि उत्तराखंड में नव वर्ष 2026 की धूम मनाने को तैयार पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में धामी ने स्पष्ट कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाए। 30 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक यातायात प्रबंधन, रात्रिकालीन गश्त, अतिक्रमण हटाने, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्ति अभियान पर विशेष फोकस करने के आदेश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पर्यटकों को चेकिंग के नाम पर अनावश्यक परेशानी न हो, बल्कि उनकी सुगमता और आतिथ्य का पूरा ध्यान रखा जाए। यह निर्देश न केवल नव वर्ष की तैयारियों को मजबूत करेंगे बल्कि उत्तराखंड को एक सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
यह बैठक समय पर आयोजित हुई, क्योंकि नव वर्ष के अवसर पर उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश और हरिद्वार में लाखों पर्यटकों का आगमन अपेक्षित है। मुख्यमंत्री धामी की यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने के साथ-साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष नव वर्ष पर उत्तराखंड में 50 लाख से अधिक पर्यटक आए थे, और इस बार भी संख्या में इजाफा संभावित है। धामी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कानून-व्यवस्था पर सख्ती: अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आपराधिक कृत्यों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रमुख पर्यटन स्थलों, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों और उच्च आवागमन वाले रूट्स पर समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से, वाहनों के अनियंत्रित संचालन, शराब पीकर गाड़ी चलाने और शराब ठेकों के आसपास संभावित खतरों पर नजर रखने को कहा गया।
धामी ने पुलिस अधिकारियों को रात्रिकालीन गश्त को अनिवार्य बनाया और उच्चाधिकारियों को समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण करने का आदेश दिया। उन्होंने जोर दिया कि पुलिस की पहुंच 5 मिनट के अंदर घटनास्थल पर होनी चाहिए। यह निर्देश राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए लागू होंगे, जहां नव वर्ष की पार्टियां और उत्सव आयोजित हो रहे हैं। डीजीपी श्री दीपम सेठ ने बैठक में आश्वासन दिया कि सभी जिलों में विशेष टास्क फोर्स तैनात की जाएंगी।
यह कदम उत्तराखंड की बढ़ती पर्यटन अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है। पिछले वर्षों में कुछ घटनाओं ने पर्यटकों का विश्वास डगमगाया था, लेकिन धामी सरकार की सतर्कता से अब स्थिति नियंत्रण में है। विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त निगरानी से अपराध दर में 20-30% कमी आ सकती है।
यातायात प्रबंधन और पर्यटक सुविधा: सुगमता सुनिश्चित
नव वर्ष के दृष्टिगत यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में पार्किंग की समुचित व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए पुख्ता प्लान तैयार किया जाए। देहरादून में सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या पर सख्ती बरतने को कहा गया – जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, परिवहन विभाग और एमडीडीए की संयुक्त टास्क फोर्स निरंतर कार्रवाई करेगी। अन्य जिलों में भी जहां अतिक्रमण बाधा बन रहा है, वहां तत्काल हटाने के आदेश हैं।
पर्यटकों की सुविधा के लिए जानकारी केंद्रों को सक्रिय रखने, स्ट्रीट लाइट्स और शीतकालीन अलाव की पर्याप्त व्यवस्था करने पर जोर दिया गया। धामी ने स्पष्ट किया कि चेकिंग के नाम पर आम जनता या पर्यटकों को परेशान न किया जाए – सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आतिथ्य सत्कार पर फोकस हो। होटल, रिसॉर्ट्स और भीड़ वाले स्थानों पर फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य होगा।
ये उपाय शीतकालीन यात्रा को सुगम बनाएंगे, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में जहां बर्फबारी की संभावना है। पर्यटन विभाग के अनुसार, नव वर्ष पर 70% पर्यटक पहाड़ी इलाकों की ओर रुख करेंगे, इसलिए यातायात फ्लो को डिजिटल ऐप्स से मॉनिटर करने का सुझाव भी आया।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण: प्लास्टिक मुक्ति अभियान तेज
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी। प्रदेश में स्वच्छता अभियान को मजबूत करने और प्लास्टिक मुक्ति के लिए विशेष मुहिम चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक संगठनों और आम जनता को इसमें जोड़ा जाए। नव वर्ष के उत्सवों में सिंगल-यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, और कचरा प्रबंधन के लिए डिस्पोजल यूनिट्स लगाई जाएं।
यह अभियान उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण है। धामी सरकार ने पहले ही ‘प्लास्टिक फ्री हिमालय’ कैंपेन चलाया है, और इस बार नव वर्ष पर इसे एक्सटेंड किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यटकों की भागीदारी से स्वच्छता दर 40% बढ़ सकती है।
बैठक का समापन: एकजुट प्रयासों से मजबूत उत्तराखंड
बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, डीजीपी श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, गढ़वाल कमिश्नर एवं सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय, सचिव श्री धीराज गर्ब्याल, अपर पुलिस महानिदेशक श्री वी. मुरूगेशन, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल सहित शासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वर्चुअल माध्यम से आईजी कुमाऊं श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक भी जुड़े।
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक के अंत में कहा कि ये व्यवस्थाएं न केवल नव वर्ष को यादगार बनाएंगी बल्कि उत्तराखंड को पर्यटन हब के रूप में स्थापित करेंगी। सभी अधिकारी तत्परता से कार्यान्वयन सुनिश्चित करें।
उत्तराखंड सरकार की यह सक्रियता राज्यवासियों और पर्यटकों के लिए राहत की सांस है। नव वर्ष 2026 पर सुरक्षित और आनंदमय उत्सव की कामना! अगर आप भी उत्तराखंड के पर्यटन या कानून-व्यवस्था से जुड़ी अपडेट्स चाहते हैं, तो कमेंट्स में बताएं। क्या आपको लगता है कि ये उपाय पर्यटकों का विश्वास बढ़ाएंगे? हमारे ब्लॉग को फॉलो करें ताजा खबरों के लिए – जय हिंद!








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