उत्तराखंड: CM धामी ने स्व. उमेश अग्रवाल की 66 वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर जोर

उत्तराखंड: CM धामी ने स्व. उमेश अग्रवाल की 66 वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर जोर

देहरादून, 30 दिसंबर 2025 – देवभूमि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जी.एम.एस रोड, देहरादून में आयोजित स्व. उमेश अग्रवाल की 66वीं जयंती के अवसर पर मातृ-पितृ भक्ति दिवस कार्यक्रम में शिरकत की। इस भावपूर्ण समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय उमेश अग्रवाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन को संगठन, समाज और राष्ट्रसेवा का प्रतीक बताया। कार्यक्रम न केवल एक व्यक्तिगत स्मृति का अवसर था, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनके कल्याण की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने वाला भी साबित हुआ। धामी ने कहा कि वरिष्ठजन परिवार के संरक्षक होने के साथ-साथ संस्कृति और मूल्यों के जीवंत वाहक भी हैं, और उनकी सेवा ही समाज की सच्ची सेवा है।

उत्तराखंड: CM धामी ने स्व. उमेश अग्रवाल की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर जोर

यह आयोजन देहरादून की राजनीतिक और सामाजिक हलचल को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला साबित हुआ। स्व. उमेश अग्रवाल, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के कार्यकारी अध्यक्ष थे, की स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम हजारों लोगों के बीच भावुक क्षण पैदा कर गया। मुख्यमंत्री धामी की उपस्थिति ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया, जहां उन्होंने न केवल अतीत की स्मृतियों को ताजा किया बल्कि भविष्य के लिए वरिष्ठ नागरिकों के सशक्तिकरण की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।

स्व. उमेश अग्रवाल: संगठन और जनसेवा के प्रतीक

स्व. उमेश अग्रवाल का जीवन देहरादून की राजनीति और व्यापार जगत में एक मील का पत्थर रहा। मुख्यमंत्री धामी ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उमेश जी का संपूर्ण जीवन संगठन, समाज और राष्ट्रसेवा को समर्पित था। देहरादून में भाजपा के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने संगठन को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई। हमेशा जनसेवा और विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखने वाले उमेश अग्रवाल दून उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक के रूप में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्षरत रहे।

धामी ने याद दिलाया कि उमेश जी का योगदान केवल राजनीतिक सीमाओं तक सीमित नहीं था। वे व्यापारियों के सच्चे हितैषी थे, जिन्होंने आर्थिक चुनौतियों के बीच स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने में अथक प्रयास किया। उनकी विरासत आज भी देहरादून के युवा उद्यमियों को प्रेरित करती है। कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों लोगों ने स्व. अग्रवाल की फोटो पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया, जो उनके जीवन के मूल्यों – सेवा, समर्पण और एकता – को जीवंत करने का प्रतीक था। यह जयंती न केवल स्मृति का अवसर थी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बनी।

उत्तराखंड: CM धामी ने स्व. उमेश अग्रवाल की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर जोर

वरिष्ठ नागरिक कल्याण: राज्य सरकार की नई पहलें

कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर केंद्रित रहा। मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया, जो बुजुर्गों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित हैं। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह ₹1500 पेंशन प्रदान की जा रही है, जिसका लाभ राज्य के लगभग 6 लाख वृद्धजनों को मिल रहा है। विशेष रूप से, पात्र पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन का प्रावधान किया गया है, जो परिवारों में आर्थिक स्थिरता ला रहा है।

धामी ने केंद्र सरकार के सहयोग से रुद्रपुर में मॉडल वृद्धाश्रम के निर्माण की प्रगति पर प्रकाश डाला, जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक आश्रय बनेगा। इसके अलावा, राज्य में पहली बार जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें करीब 20 मास्टर ट्रेनर तैयार हो चुके हैं। इस वर्ष प्रत्येक जनपद में कम से कम 50 व्यक्तियों को मास्टर ट्रेनर बनाने और 150 व्यक्तियों को जेरियाट्रिक केयर गिवर ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है। यह पहल बुजुर्गों की देखभाल के लिए मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भी जोर दिया। राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा प्रदान कर रही है, और इस वर्ष 1,300 बुजुर्गों की सर्जरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बदलते समय के साथ रिश्तों में आई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम लागू किया है। इस कानून के तहत बुजुर्गों को कानूनी अधिकार मिलता है कि वे अपने बच्चों या उत्तराधिकारियों से भरण-पोषण की मांग कर सकें। धामी ने कहा कि ये योजनाएं न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं बल्कि बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी देती हैं।

ये पहलें उत्तराखंड को वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। मातृ-पितृ भक्ति दिवस जैसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को भी माता-पिता के प्रति कर्तव्य की याद दिलाई जा रही है, जो पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करेगी।

कार्यक्रम का समापन: एकजुटता का संदेश

कार्यक्रम का समापन कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, महामंत्री संगठन श्री अजेय कुमार, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्री खजान दास, श्री उमेश शर्मा काऊ, महानगर अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में हुआ। सभी ने स्व. उमेश अग्रवाल की स्मृति को जीवंत रखने और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की।

यह आयोजन देहरादून की सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर को मजबूत करने का प्रतीक बना। मुख्यमंत्री धामी ने अंत में युवाओं से अपील की कि वे वरिष्ठजनों का सम्मान करें, क्योंकि वे ही समाज की नींव हैं।

उत्तराखंड सरकार का यह प्रयास न केवल वर्तमान को मजबूत कर रहा है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है। अगर आप भी वरिष्ठ नागरिक कल्याण योजनाओं या मातृ-पितृ भक्ति से जुड़े रहना चाहते हैं, तो कमेंट्स में अपनी राय साझा करें। क्या आपको लगता है कि ऐसी योजनाओं से पारिवारिक बंधन मजबूत होंगे? हमारे ब्लॉग को फॉलो करें उत्तराखंड की ताजा खबरों के लिए – जय हिंद!

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