देहरादून रायपुर PRD निदेशालय में युवाओं से संवाद, सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश—अग्निवीर योजना से राष्ट्रभक्ति और कौशल विकास का जोर
उत्तराखंड के युवाओं को सेना की सेवा के लिए तैयार करने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को प्रांतीय रक्षक दल (PRD) निदेशालय, रायपुर (देहरादून) में संचालित अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। युवा कल्याण एवं PRD विभाग तथा खेल विभाग के संयुक्त प्रयास से चल रहे इस केंद्र में CM ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधा संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया। भविष्य में CM प्रत्येक जिले के भ्रमण के दौरान ऐसे केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। क्या यह पहल उत्तराखंड के युवाओं को आत्मनिर्भर योद्धा बनाएगी? आइए, इस निरीक्षण और घोषणाओं की पूरी डिटेल्स में उतरते हैं।

मुख्यमंत्री ने केंद्र में उपलब्ध गतिविधियों और अन्य मूलभूत सुविधाओं का गहन अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्र में उपलब्ध शारीरिक प्रशिक्षण, दौड़ अभ्यास, खेल गतिविधियों और अन्य मूलभूत सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को दी जा रही सभी सुविधाएँ उच्च गुणवत्ता के मानकों पर खरी उतरें। CM ने युवाओं से उनके प्रशिक्षण अनुभव, दिनचर्या और चुनौतियों के बारे में बात की, साथ ही पूछा कि उन्हें और किन सुविधाओं की जरूरत महसूस हो रही है। युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए CM ने स्वयं खेल गतिविधियों में भाग लिया और उन्हें अनुशासन, परिश्रम तथा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। एक युवा ने कहा, “सीएम का आना हमें प्रेरणा देता है। हम देश सेवा के लिए तैयार हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश सरकार अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, ताकि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ चयनित हो सकें।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समय-समय पर अपडेट किया जाए और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की मदद से युवाओं को शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाया जाए। CM ने जोर दिया कि अग्निवीर योजना युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है, जो न केवल सेना में सेवा का मौका देती है, बल्कि राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करती है।

अग्निवीर योजना पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा
अग्निवीर योजना पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह योजना कम आयु में सैन्य प्रशिक्षण देकर युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी कौशल प्रदान करती है। सेवा अवधि के बाद वे निजी-सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार या स्वरोजगार के लिए सक्षम बनते हैं। अनुशासन, समय प्रबंधन और टीम भावना जैसे गुण उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाते हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के अधिक युवा इस योजना से जुड़ें, और राज्य में निःशुल्क प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन तथा अनुभवी कोच उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि CM के नेतृत्व में सरकार युवाओं को सेना की तीनों सेनाओं में सेवा का अवसर दे रही है। यह योजना शारीरिक मजबूती के साथ मानसिक सशक्तिकरण पर फोकस करती है। एक अधिकारी ने कहा, “मुख्यमंत्री का निरीक्षण हमें प्रेरित करता है। हम युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कृतसंकल्प हैं।”
निरीक्षण के दौरान विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर सचिव डॉ. आशीष चौहान सहित युवा कल्याण एवं PRD विभाग तथा खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। CM का यह कदम अग्निवीर योजना को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। क्या इससे उत्तराखंड के युवा सेना में नई ऊँचाइयों को छूएंगे? समय बताएगा।









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