सर्दियों का मौसम: मानसिक स्वास्थ्य को कैसे रखें मजबूत? विशेषज्ञों की सलाह

सर्दियों का मौसम: मानसिक स्वास्थ्य को कैसे रखें मजबूत? विशेषज्ञों की सलाह

सर्दियों का आगमन हमेशा एक दोहरी तलवार की तरह होता है। एक तरफ ठंडी हवा और गर्म चाय का मजा, दूसरी तरफ कम रोशनी, ठंडक से थकान, और कभी-कभी उदासी का बोझ। मैं खुद इस मौसम में महसूस करता हूँ कि दिन छोटे हो जाते हैं, और दिमाग थोड़ा सुस्त। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सर्दियाँ मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालती हैं?

हाल ही में एक सर्वे में पाया गया कि भारत में 40% युवा इस मौसम में डिप्रेशन या एंग्जायटी का शिकार हो जाते हैं। तो, इस बार सर्दियों को सिर्फ मौसम न मानें, बल्कि अपने दिमाग की सेहत का ख्याल रखने का मौका समझें। आइए, विशेषज्ञों की सलाह से जानते हैं कि कैसे इस मौसम में मानसिक तनाव को दूर रखा जाए।

सर्दियों का मौसम: मानसिक स्वास्थ्य को कैसे रखें मजबूत? विशेषज्ञों की सलाह

सर्दियों में मानसिक स्वास्थ्य क्यों प्रभावित होता है?

सर्दियाँ आने पर धूप कम हो जाती है, जिससे विटामिन D की कमी हो जाती है। डॉ. रीता सिंह, एक प्रमुख साइकेट्रिस्ट, बताती हैं कि “कम धूप से सेरोटोनिन हार्मोन कम होता है, जो खुशी का रसायन है। इससे सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर (SAD) जैसी समस्या हो सकती है।” मेरे एक दोस्त की कहानी याद आती है—वो हर साल नवंबर से फरवरी तक चिड़चिड़ा हो जाता था, जब तक उसे विटामिन D सप्लीमेंट न मिला। लेकिन सिर्फ दवा नहीं, लाइफस्टाइल चेंजेस भी जरूरी हैं।

सर्दियों में व्यायाम कम हो जाता है, नींद बिगड़ती है, और सोशल इंटरैक्शन घटता है—ये सब दिमाग को सुस्त बनाते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, इस मौसम में डिप्रेशन के केस 25% बढ़ जाते हैं। तो, सवाल यह है कि हम इसे कैसे संभालें?

सर्दियों का मौसम: मानसिक स्वास्थ्य को कैसे रखें मजबूत? विशेषज्ञों की सलाह

रोजमर्रा के छोटे बदलाव: दिमाग को तरोताजा रखने के उपाय

सबसे आसान तरीका है दैनिक रूटीन में थोड़ा बदलाव लाना। सबसे पहले, सुबह 15-20 मिनट धूप में टहलें। डॉ. सिंह कहती हैं, “यह विटामिन D के अलावा मूड बूस्ट करता है।” अगर बाहर निकलना मुश्किल हो, तो विंडो के पास बैठें। दूसरा, व्यायाम को नजरअंदाज न करें—घर पर ही योग या वॉकिंग से शुरू करें। एक रिसर्च बताती है कि हफ्ते में 150 मिनट व्यायाम से एंग्जायटी 30% कम हो जाती है।

मेरा पर्सनल अनुभव है कि सर्दियों में हल्का-फुल्का म्यूजिक सुनना या किताब पढ़ना दिमाग को रिफ्रेश करता है। विशेषज्ञ भी यही सलाह देते हैं—रोज 30 मिनट हॉबी (जैसे ड्रॉइंग या कुकिंग) निकालें। नींद का खास ध्यान रखें—रात 10 बजे सोना और सुबह 6 बजे उठना आदर्श है। अगर नींद न आए, तो चाय-कॉफी शाम 4 बजे के बाद बंद कर दें। एक छोटा टिप: गर्म पानी में नींबू डालकर पिएं—यह डिटॉक्स करता है और मूड सुधारता है।

पोषण का रोल: सर्दियों में दिमाग को पावरफुल बनाएं

खाना दिमाग का ईंधन है, और सर्दियों में यह और महत्वपूर्ण हो जाता है। ओमेगा-3 रिच फूड्स जैसे अखरोट, अलसी के बीज, या मछली लें—ये सेरोटोनिन बढ़ाते हैं। डॉ. सिंह की सलाह: “रोज एक मुट्ठी नट्स और हरी सब्जियां खाएं।” विटामिन B12 की कमी से उदासी बढ़ती है, तो अंडे या दूध शामिल करें। चॉकलेट का थोड़ा टुकड़ा भी सेरोटोनिन बूस्ट करता है, लेकिन ज्यादा नहीं। एक स्टडी में पाया गया कि बैलेंस्ड डाइट से सर्दी में डिप्रेशन 20% कम हो जाता है। पानी ज्यादा पिएं—ठंड में डिहाइड्रेशन छिपा होता है।

कब डॉक्टर से मिलें? चेतावनी संकेत

अगर उदासी 2 हफ्ते से ज्यादा रहे, नींद न आए, या भूख लगना बंद हो जाए, तो तुरंत काउंसलर से बात करें। सर्दियों में SAD आम है, लेकिन इग्नोर न करें। फ्री हेल्पलाइन: 104 (मानसिक स्वास्थ्य)। याद रखें, मदद मांगना कमजोरी नहीं, ताकत है।

सर्दियाँ सिर्फ ठंड नहीं, बल्कि आत्म-देखभाल का मौसम हैं। छोटे बदलाव से दिमाग मजबूत बनेगा, और जीवन रोशन। तुम्हें कौन सा टिप सबसे अच्छा लगा? कमेंट में बताओ, और इस पोस्ट को शेयर करो ताकि दोस्तों को भी फायदा हो। स्वस्थ रहो, खुश रहो!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Author

https://m7.media9news.com/media9/hls/jnnews.m3u8

Latest Posts