नवंबर 2025 का ये महीना दिल्लीवालों के लिए संकट बना हुआ है सुबह उठते ही धुंध की परत और सांस लेने में तकलीफ और AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) जो 400 से ऊपर चढ़ गया चुका है` सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट्स के मुताबिक, 13 नवंबर को दिल्ली का AQI 403 तक पहुंच गया था जो ‘सीवियर’ कैटेगरी में आता है। लेकिन ये सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि हजारों लोगों की सेहत पर सीधा असर डाल रहा है। बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा के पेशेंट्स सबसे ज्यादा परेशान है सोचिए, ये प्रदूषण सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है इसका एनसीआर के शहरों में भी यही हाल है।

वायु प्रदूषण के मुख्य कारण: क्यों हो रहा है ये संकट?
दिल्ली का प्रदूषण कोई नई बात नहीं है लेकिन 2025 में ये और भी गंभीर हो गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि विंटर सीजन में तापमान इनवर्जन (जब ठंडी हवा नीचे रह जाती है और गर्म हवा ऊपर) प्रदूषक कणों को फंसाकर रखती है, जिससे स्मॉग (धुंध) बन जाता है। लेकिन असली वजहें ये हैं:
1. कृषि अवशेष जलाना (स्टबल बर्निंग): पंजाब और हरियाणा में फसल कटाई के बाद किसान भरी मात्र में पराली जलाते हैं। पराली 2023 में ये 38% प्रदूषण का कारण बना रहा था और 2025 में भी हालात वही के वही हैं और नवंबर में ये पीक पर पहुंच जाता है क्योकि इस समय पराली बहुत अधिक मात्रा में जलाई जाती है, जो दिल्ली तक धुंध लाता है।
2. पटाखों और वाहनों का धुआं: 12 नवंबर को दिवाली मनाई गई थी और उसके बाद AQI में तेज उछाल देखा गया था और यही नही पटाखों से PM2.5 और PM10 कण बढ़ जाते हैं। इसके अलावा भी लाखों गाड़ियां रोज सड़कों पर दौडती है जिनमे डीजल और पेट्रोल से निकलने वाला धुआं भी 30% तक प्रदुषण में योगदान देता है।

3. इंडस्ट्रीयल एमिशन और कंस्ट्रक्शन डस्ट: दिल्ली-एनसीआर में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स से धूल उड़ रही है। फैक्टरियां और पावर प्लांट्स से निकलने वाली गैसें भी – SO2, NO2 – हवा को जहर बना रही हैं। पड़ोसी राज्यों से क्रॉस-बॉर्डर पॉल्यूशन भी बड़ा फैक्टर है।
4. मौसमी बदलाव: विंटर में हवा की गति कम हो जाती है, जो प्रदूषकों को साफ करने नहीं देती और तो और ग्लोबल वार्मिंग का असर भी दिख रहा है अनियमित मौसम से प्रदूषण भी बढ़ रहा।
ये सब मिलकर फेफड़ों, दिल और दिमाग को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं। AIIMS के डॉ. सौरभ मित्तल कहते हैं, की “ये सिर्फ नवंबर की समस्या नहीं है ये साल भर का मुद्दा है।” अगर अभी भी न सुधरे तो 2025 के अंत तक हेल्थ इमरजेंसी भी हो सकती है।
प्रदूषण ठीक करने के उपाय: सरकार और समाज क्या कर सकता है?
अच्छी बात ये है कि समाधान मौजूद हैं, बस अमल की जरूरत है। हर साल GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) लागू होता है, लेकिन कई उपाय फेल हो जाते हैं।
1. तत्काल उपाय: हम वाटर स्प्रिंकलिंग और मैकेनिकल स्वीपिंग से डस्ट कंट्रोल कर सकते है कंस्ट्रक्शन साइट्स पर कवरिंग करना भी अनिवार्य कर देना चाहिये ऑड-ईवन स्कीम फिर से चालू कर देनी चाहिये और स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस। दिल्ली सरकार ने 10 नवंबर को GRAP स्टेज 3 लागू किया, जिसमें 50% सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का आदेश दिया गया है
2. लॉन्ग-टर्म सॉल्यूशंस: स्टबल बर्निंग पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए किसानों को सब्सिडी दें और बेलर मशीनें, बायो-गैस प्लांट्स पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दें: मेट्रो एक्सपैंड, इलेक्ट्रिक बसें लाएं। फैक्टरियों में क्लीन टेक्नोलॉजी से भी काफी असर देखने को मिलेगा स्क्रबर और फिल्टर्स लगवाएं ये भी प्रदुषण रोकने में कारगर होंगे

3. क्षेत्रीय सहयोग: पंजाब, हरियाणा और UP के साथ मिलकर क्रॉस-बॉर्डर मॉनिटरिंग करने के लिए फ़ोर्स का इस्तेमाल होना चाहिये रिन्यूएबल एनर्जी पर भी ज्यादा फोकस करना आवश्यक है सोलर और विंड पावर से कोयला कम करें। NGO और कम्युनिटी लेवल पर अवेयरनेस कैंपेन चलाएं।
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट कहती है कि कई उपाय साल दर साल फेल हो जाते हैं क्योंकि इंप्लीमेंटेशन कमजोर है। लेकिन अगर सख्ती बरती जाए, तो AQI 100 के नीचे लाया जा सकता है। IMF और WHO की रिपोर्ट्स भी यही सुझाती हैं सस्टेनेबल पॉलिसी से 2030 तक 50% तक कम किया जा सकता है
खुद को कैसे बचाएं:
प्रदूषण से पूरी तरह बचना मुश्किल है लेकिन नामुनकिन नही आप स्मार्ट तरीके से खुद को प्रोटेक्ट कर सकते हैं। मेडांता हॉस्पिटल के एक्सपर्ट्स के अनुसार, ये 10 टिप्स फॉलो करें:
1. मास्क और प्रोटेक्शन: बाहर निकलते समय मास्क N95 या मास्क N99 लगाएं। ये PM2.5 कणों को 95% फिल्टर करते हैं और आपके स्वास्थ्य को नुकशान होने से बचाते है और चश्मा भी पहनें क्योकि ये आंखों की रक्षा के लिए काफी लाभदायक है
2. इंडोर सेफ्टी: घर की खिड़कियां-दरवाजे सील करें। एयर प्यूरीफायर यूज भी इस्तेमाल कर सकते है खासकर बेडरूम में। इंडोर प्लांट्स जैसे पीस लिली, स्नेक प्लांट या एलोवेरा छोटे छोटे पौधे लगाएं क्योकि ये हवा साफ करते हैं।

3. एक्टिविटीज लिमिट: सुबह-शाम की वॉक अपने घर के अंदर ही करे बच्चों और बुजुर्गों को घर में रखें। एक्सरसाइज इंडोर करें और योगा या जंपिंग जैक्स से भी फायदा होगा
4. हेल्थ केयर: ज्यादा पानी पिएं, ह्यूमिडिफायर यूज करें। स्टीम इनहेलेशन का इस्तेमाल करते रहे ताकि गला साफ़ रहे और विटामिन C रिच फूड – नींबू, संतरा आदि खाएं इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए। अगर सांस में तकलीफ हो तो डॉक्टर से तुरंत मिलें।
5. ट्रांसपोर्ट चॉइस: कार पूल करें, साइकिल या ई-रिक्शा यूज न करें। AC को रिसर्कुलेट मोड पर रखें।
लॉजिकल इंडियन की रिपोर्ट कहती है कि ये छोटे कदम से 70% रिस्क कम हो सकता है। खासकर अस्थमा या हार्ट पेशेंट्स के लिए ये लाइफ-सेविंग हैं।








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