पीएम मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में भव्य समारोह, बीजेपी-जदयू गठबंधन की मजबूती का संदेश
पटना के गांधी मैदान में आज एक बार फिर बिहार की राजनीति में इतिहास रचा गया। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जो बिहार के राजनीतिक इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड है। यह शपथ ग्रहण समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत राष्ट्रीय स्तर के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में हुआ। समारोह में बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए, जिनमें हरियाणा के नायब सिंह सैनी,
असम के हिमंता बिस्वा सरमा, गुजरात के भूपेंद्र पटेल, मेघालय के कोनराड संगमा, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, नगालैंड के नियो फुडांग, ओडिशा के मोहन चरण माजही, दिल्ली के अतिशी मार्लेना और राजस्थान के भजनलाल शर्मा प्रमुख थे। इस भव्य समारोह ने एनडीए गठबंधन की एकजुटता का मजबूत संदेश दिया।

शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गांधी मैदान में किया गया, जहां हजारों कार्यकर्ता और समर्थक जुटे थे। नीतीश कुमार ने सरल लेकिन गरिमामय अंदाज में शपथ ली, जो उनकी राजनीतिक यात्रा का प्रतीक था। उनके साथ डिप्टी सीएम पद की शपथ सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने ली। कुल 26 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, जिसमें बीजेपी कोटे से 14, जदयू से 8, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से 2, जबकि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और कुशवाहा समाज पार्टी से 1-1 मंत्री शामिल हैं। इस मंत्रिमंडल में एकमात्र मुस्लिम चेहरा जदयू की ओर से जमा खान हैं, जिन्हें एक बार फिर मंत्री बनाया गया। यह गठबंधन का संतुलित प्रतिनिधित्व दर्शाता है।

शपथ के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से गमछा लहराकर लोगों का अभिवादन किया, जो एक लोकप्रिय बिहारी परंपरा का प्रतीक था। समारोह के दौरान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने मंच पर पहुंचकर जीतनराम मांझी और जेपी नड्डा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जो गठबंधन की एकता का जीवंत दृश्य था। मंच पर उपस्थित सभी नेताओं ने नीतीश कुमार को बधाई दी, और मोदी ने कहा कि बिहार का विकास अब नई गति पकड़ेगा। अमित शाह ने गठबंधन की मजबूती पर जोर दिया, जबकि जेपी नड्डा ने कहा कि यह सरकार बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
बिहार में नए मंत्रियों की पूरी सूची
नीतीश सरकार का यह मंत्रिमंडल 26 सदस्यों वाला है, जिसमें अनुभवी चेहरे और नए नाम शामिल हैं। नीचे पूरी सूची दी गई है:
- सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम, बीजेपी)
- विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम, बीजेपी)
- विजय चौधरी (बीजेपी)
- बिजेंद्र प्रसाद यादव (बीजेपी)
- श्रवण कुमार (जदयू)
- मंगल पांडेय (बीजेपी)
- दिलीप जायसवाल (बीजेपी)
- अशोक चौधरी (जदयू)
- लेशी सिंह (जदयू)
- मदन सहनी (HAM)
- नितिन नवीन (जदयू)
- रामकृपाल यादव (बीजेपी)
- संतोष सुमन (बीजेपी)
- सुनील कुमार (बीजेपी)
- मोहम्मद जमा खान (जदयू)
- संजय सिंह टाइगर (लोजपा रामविलास)
- अरुण शंकर प्रसाद (बीजेपी)
- सुरेंद्र मेहता (कुशवाहा समाज पार्टी)
- नारायण प्रसाद (जदयू)
- रमा निषाद (बीजेपी)
- लखेंद्र कुमार रौशन (बीजेपी)
- श्रेयसी सिंह (बीजेपी)
- प्रमोद कुमार (बीजेपी)
- संजय कुमार (जदयू)
- संजय कुमार सिंह (लोजपा रामविलास)
- दीपक प्रकाश (बीजेपी)
यह मंत्रिमंडल बीजेपी-जदयू गठबंधन की मजबूती को दर्शाता है, जिसमें पिछड़े, दलित, मुस्लिम, और अन्य समुदायों का प्रतिनिधित्व है।
नीतीश कुमार की यह 10वीं शपथ बिहार की राजनीति में एक मील का पत्थर है। 2005 से वे लगातार बिहार के विकास में योगदान दे रहे हैं, चाहे गठबंधन बदलता रहा हो। इस बार एनडीए के साथ उनकी सरकार बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का वादा कर रही है। समारोह में उपस्थित सभी नेताओं ने बिहार के विकास पर जोर दिया, और मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्ण सहयोग करेगी। अमित शाह ने गठबंधन की एकता पर खुशी जताई, जबकि जेपी नड्डा ने युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस किया।
समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण था। हजारों कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए, और पारंपरिक बिहारी गीतों ने वातावरण को जीवंत कर दिया। चिराग पासवान का आशीर्वाद लेना गठबंधन की पारिवारिक एकता का प्रतीक था। नीतीश कुमार ने शपथ के बाद कहा कि उनकी सरकार बिहार को समृद्ध बनाने के लिए कटिबद्ध है।
यह शपथ ग्रहण बिहार के लिए नया अध्याय खोलता है। गठबंधन सरकार के गठन से बिहार में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गठबंधन की स्थिरता ही सरकार की सफलता की कुंजी होगी। क्या यह सरकार बिहार को नई दिशा देगी? समय बताएगा।








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