सहारनपुर, 28 अक्टूबर 2025 – सहारनपुर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय फर्जी डिग्री गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो बेरोजगार युवाओं और छात्रों को लुभावने वादों के जाल में फंसाकर नकली शैक्षणिक प्रमाण-पत्र बेचता था। पुलिस ने गैंग के कब्जे से लगभग 240 फर्जी डिग्रियां व मार्कशीट, एक लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरोह कोर्स के अनुसार 30 हजार से 5 लाख रुपये तक की उगाही करता था।
गैंग का modus operandi: प्रवेश के नाम पर धोखाधड़ी
गिरोह स्कूल-कॉलेज में प्रवेश दिलाने के बहाने भोले-भाले छात्रों और बेरोजगार युवाओं को फंसाता था। शिकायतों के सिलसिले पर थाना सदर बाजार और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर इस नेटवर्क का खुलासा किया। जांच में पता चला कि यह गिरोह लखनऊ, दिल्ली, मेरठ, नागालैंड और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में सेटिंग रखे हुए था।
- उगाही का पैमाना: 1 लाख से 5 लाख रुपये तक प्रति डिग्री/मार्कशीट।
- लक्ष्य: सरकारी नौकरियों या उच्च शिक्षा के लिए फर्जी प्रमाण-पत्रों की मांग करने वाले।
- तरीका: सोशल मीडिया और स्थानीय एजेंटों के माध्यम से ग्राहक जुटाना।

एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई, प्रेस वार्ता में खुलासा
यह कार्रवाई एसएसपी सहारनपुर के सख्त निर्देशों पर की गई। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने प्रेस वार्ता में मामले का ब्योरा साझा किया। उन्होंने कहा, “यह गिरोह शिक्षा व्यवस्था की जड़ों को खोखला कर रहा था। हम ऐसी धोखाधड़ी पर कड़ाई से नकेल कसेंगे।” पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों और प्रभावित व्यक्तियों की तलाश में जुटी है।

प्रभाव और आगे की जांच
इस गैंग के चंगुल में फंसे युवाओं को नुकसान के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में अनियमितता का खतरा पैदा हो रहा था। पुलिस ने मामला धोखाधड़ी, जालसाजी (IPC धारा 420, 467, 468, 471) के तहत दर्ज कर जांच तेज कर दी है। संभावित रूप से और भी फर्जी दस्तावेज बरामद हो सकते हैं।








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