देहरादून, 27 अक्टूबर 2025: उत्तराखंड के राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती उत्सव में इस बार देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। यह पहला अवसर होगा जब प्रधानमंत्री इस महत्वपूर्ण आयोजन में राज्यवासियों का उत्साहवर्धन करेंगे। उनके प्रस्तावित उत्तराखंड भ्रमण को लेकर सोमवार को गढ़वाल आयुक्त श्री विनय शंकर पाण्डे के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण में शामिल अधिकारी
निरीक्षण में आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डे के साथ अपर सचिव मुख्यमंत्री श्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, महानिदेशक उद्योग श्री सौरभ गहरवार, आईजी इंटेलिजेंस श्री के.एस. नगन्याल, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, एसएसपी देहरादून श्री अजय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आयोजन स्थल का दौरा कर सुरक्षा, यातायात, बैठने की व्यवस्था, और अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया।
यादगार आयोजन की तैयारी
आयुक्त गढ़वाल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस आयोजन को यादगार और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि हर विभाग को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा के साथ करना होगा ताकि आयोजन में कोई कमी न रहे। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए आपसी समन्वय और कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया।
प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव
आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डे ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखंड से गहरा लगाव किसी से छिपा नहीं है। उनके नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम छू रहा है। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के इस ऐतिहासिक अवसर पर उनकी उपस्थिति न केवल राज्यवासियों के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह उत्तराखंड के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।”

रजत जयंती का महत्व
उत्तराखंड के स्थापना दिवस का यह 25वां वर्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। रजत जयंती उत्सव के इस अवसर पर प्रधानमंत्री की मौजूदगी राज्य के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा। इस आयोजन के माध्यम से न केवल राज्य की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, बल्कि भविष्य के विकास के लिए भी नए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।
आयोजन की तैयारियां
एफआरआई में आयोजन स्थल को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने, यातायात प्रबंधन, और अतिथियों के लिए उचित सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों ने स्थल पर पार्किंग, मंच व्यवस्था, और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी समीक्षा की।
यह आयोजन न केवल उत्तराखंड की सांस्कृतिक और विकास यात्रा को दर्शाएगा, बल्कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति से राज्यवासियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होगा।








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