पौड़ी गढ़वाल, 26 अक्टूबर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कुल 102.82 करोड़ रुपये की लागत से 11 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 56.58 करोड़ रुपये की 6 योजनाओं का लोकार्पण और 46.24 करोड़ रुपये की 5 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

प्रमुख घोषणाएं और विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें शामिल हैं:
- राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल का नाम श्री गुणानंद के नाम पर रखना।
- विकासखंड रिखणीखाल में दलमोटा से बल्ली तक मिलान कार्य।
- रिखणीखाल में प्रेक्षागृह, लो.नि.वि. अतिथि गृह एवं हैलीपैड निर्माण।
- जयहरीखाल में न्याय पंचायत मेरूड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना।
- मंदाल नदी से नौदानू में पंपिंग योजना, चौलूडांडा पंपिंग योजना।
- नैनीडांडा में भौन और दिगोलीखाल पंपिंग योजनाएं।
- जयहरीखाल में पशु सेवा केंद्र सिलवाड़, पशु चिकित्सालय का उच्चीकरण एवं ढौंटियाल में पशुधन प्रसार अधिकारी पद सहित ग्राम सत्तीचौड़ में स्थापना।
- मंदाल नदी पर बाढ़ सुरक्षा कार्य।
- विभिन्न मोटर मार्गों का निर्माण एवं मिलान: सिमडी कंडली से सेरा फरसैंगाल, कठवाडा खनसुली से ढाबखाल बुलेखा, लेकुल नाड़ मज्याड़ी, पैयागड़ी रजवी मल्ला विटे, किल्यौखाल से सुन्द्रोली, नावे तल्ली (भाग-2), देवियोखाल बाजार से मैवणी तक चौड़ीकरण, पाणीसैंण डबराड़ बूठानगर।
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल में डॉक्टरों की नियुक्ति।
- अमर शहीदों के नाम पर स्थानीय मोटर मार्गों का नामकरण।

स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और स्वरोजगार का आह्वान
मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने ओखल में धान कुटाई, सिलबट्टे पर चटनी पीसने और मट्ठा बिलोने की गतिविधियों में भाग लिया। स्थानीय उत्पादों की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि पहाड़ी उत्पादों की मांग देश-दुनिया में बढ़ रही है। उन्होंने लोगों से स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक स्थिति मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत और मन की बात
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने आर्मी बैंड का अवलोकन किया और सदस्यों का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद उपस्थित जनसमूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ सुनी।

शहीदों को श्रद्धांजलि और सैनिक कल्याण योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह अवसर शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि का क्षण है। उत्तराखंड के वीर सैनिकों ने भारत माता को गौरवान्वित किया है। राज्य में हर घर से कोई न कोई सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ा है।” उन्होंने सैनिक कल्याण के लिए राज्य सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला:
- शहीद परिजनों की अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये।
- परमवीर चक्र एवं अन्य पुरस्कारों की राशि में वृद्धि।
- अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये सहायता।
- भूमि खरीद पर 25% स्टांप ड्यूटी छूट।
- 28 परिजनों को सरकारी नौकरी, 13 मामलों में प्रक्रिया जारी।
- नौकरी आवेदन की समय सीमा 2 से बढ़ाकर 5 वर्ष।
- केंद्र की ‘वन रैंक वन पेंशन’ योजना, आधुनिक उपकरण आदि।
- देहरादून में सैन्य धाम का शीघ्र लोकार्पण।
पौड़ी जनपद के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कंडोलिया में 100 मीटर ऊंचा झंडा, बिपिन रावत पार्क, चारधाम पैदल मार्ग पुनर्संचालन, ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील आदि की प्रगति बताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार क्षेत्रवाद-जातिवाद से ऊपर उठकर विकास कर रही है। दंगा विरोधी कानून, यूसीसी, ऑपरेशन कालनेमि और नकल विरोधी कानून जैसे कदमों से सुशासन स्थापित हो रहा है।

अन्य वक्ताओं के विचार
- विधायक महंत दिलीप रावत ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए सैन्य धाम, यूसीसी, नकल विरोधी कानून और रोजगार सृजन की सराहना की। रिखणीखाल को वीर भूमि बताते हुए शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों का अभिनंदन किया।
- एडम बटालियन कमांडर कर्नल मंजुल कफल्टिया ने कहा कि भारतीय सेना शहीद परिजनों के साथ है। समस्या के लिए गढ़वाल राइफल्स केंद्र, लैंसडाउन से संपर्क करें।
कार्यक्रम में गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिला पंचायत सदस्य अनूप पटवाल, ब्लॉक प्रमुख रिखणीखाल रेणु रावत, प्रमुख जयहरीखाल रणवीर सजवाण, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।









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