बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र के गांगनोली गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। अज्ञात हमलावरों ने बड़ी मस्जिद में घुसकर मौलाना इब्राहिम की 30 वर्षीय पत्नी इसराना और उनकी दो मासूम बेटियों, 5 वर्षीय सोफिया और 3 वर्षीय स्वेया की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी। यह घटना शनिवार की सुबह की बताई जा रही है, जिसने न केवल गांगनोली गांव बल्कि पूरे जिले में खौफ और सन्नाटा फैला दिया है।
मौलाना इब्राहिम, जो मूल रूप से जिला शामली के गांव सुन्ना के निवासी हैं, गांगनोली की शेख वाली बड़ी मस्जिद में बच्चों को पढ़ाने का कार्य करते हैं। घटना के समय मौलाना देवबंद गए हुए थे, और उनकी पत्नी इसराना अपने दोनों बच्चों के साथ मस्जिद परिसर में बने एक कमरे में रह रही थीं। बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने मौका पाकर मस्जिद में घुसकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। सुबह जब स्थानीय लोगों को इस घटना की जानकारी मिली, तो गांव में हड़कंप मच गया।

सूचना मिलते ही
सूचना मिलते ही दोघट थाना पुलिस और जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शवों को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने शवों को उठाने की प्रक्रिया के दौरान विरोध जताया, जिसके चलते पुलिस और परिजनों के बीच नोंकझोंक की स्थिति बन गई। परिजनों का कहना था कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं भेजने देंगे। इस हंगामे के बीच पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की और मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। यह भी पता नहीं चल सका है कि हमलावरों की संख्या कितनी थी और उनका मकसद क्या था। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और गांव के लोगों से पूछताछ की जा रही है। जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा।

इस घटना ने गांगनोली गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
इस घटना ने गांगनोली गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं, और मस्जिद के आसपास सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव में पहले कभी ऐसी घटना नहीं हुई, जिसके चलते लोग सदमे में हैं। मौलाना इब्राहिम के परिवार के साथ गांव वालों का व्यवहार हमेशा अच्छा रहा है, और उनकी सादगी की लोग प्रशंसा करते थे।
जिला प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही, यह भी आश्वासन दिया गया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन इस मामले को सुलझाने में जुटे हैं, और पूरे जिले में इस घटना की चर्चा जोरों पर है।









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