लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में छात्राओं को संबोधित करते हुए सामाजिक मूल्यों और जीवन के सही निर्णयों पर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने छात्राओं को नसीहत दी कि बेटियां लिव-इन रिलेशनशिप में रहने से बचें और अपने भविष्य को सोच-समझकर सुरक्षित दिशा दें।

टुकड़े करके बीम में भर देते हैं
राज्यपाल ने कहा कि आज के समय में कई बार युवा वर्ग बिना परिणामों को सोचे-समझे ऐसे रिश्तों में पड़ जाता है, जिनका अंत दुखद होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे मामलों के बारे में सुना है जहां लड़कियों की निर्मम हत्या कर दी जाती है, “50-50 टुकड़े करके बीम में भर दिया जाता है।” आनंदीबेन ने कहा कि ऐसी घटनाएं सुनकर “मन को बहुत कष्ट होता है।”

भावनाओं में बहकर फैसला नहीं लें
राज्यपाल ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने जीवन के फैसले भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि विवेकपूर्ण तरीके से लें। उन्होंने कहा कि लड़कियों में क्षमता की कमी नहीं है, वे शिक्षा, समाज सेवा और प्रशासन—हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि वे स्वयं पर विश्वास रखें और अपने जीवन की सुरक्षा को सर्वोपरि मानें।

गलत लोगों से दूरी बनाए रखें
आनंदीबेन पटेल ने आगे कहा कि “कुछ लोग आम खाते हैं और गुठलियां फेंक देते हैं,” यह कहावत उन लोगों पर लागू होती है जो रिश्तों का सम्मान नहीं करते और दूसरों का इस्तेमाल करके छोड़ देते हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखें और अपने जीवन को सकारात्मक सोच व मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ाएं।
समारोह में कुलपति, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। राज्यपाल के इस वक्तव्य पर छात्राओं ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया







Leave a Reply