शहरी विकास की नई ऊँचाइयों की ओर: सीएम धामी ने लॉन्च की 115 आरोग्य मंदिर, 15,600 आवास और अटल निर्मल पुरस्कार

शहरी विकास की नई ऊँचाइयों की ओर: सीएम धामी ने लॉन्च की 115 आरोग्य मंदिर, 15,600 आवास और अटल निर्मल पुरस्कार

देहरादून, 1 अक्टूबर 2025: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास की महत्वाकांक्षी योजनाओं का धूमधाम से लोकार्पण किया। यह आयोजन न केवल राज्य के नगरीय क्षेत्रों को स्वस्थ, स्वच्छ और आवासीय रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ राज्य की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 15,600 नए आवासों का उद्घाटन, 52 नगर निकायों में 115 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की शुरुआत, स्ट्रीट वेंडर्स के लिए वृहत पंजीकरण अभियान और अंगीकार 2.0 का लॉन्च शामिल रहा। इसके अलावा, स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 के आधार पर अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 वितरित किए गए, जबकि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 244 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाई गई।

शहरी विकास की नई ऊँचाइयों की ओर: सीएम धामी ने लॉन्च की 115 आरोग्य मंदिर, 15,600 आवास और अटल निर्मल पुरस्कार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये योजनाएँ स्वास्थ्य, आवास और स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश को नई दिशा देंगी। “शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आम नागरिकों के जीवन को सरल और समृद्ध बनाएगा। स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना और स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से हम उत्तराखंड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इन पहलों से नगरीय निकाय देश के लिए मॉडल प्रस्तुत करेंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: 115 आरोग्य मंदिरों की शुरुआत

प्रदेश के 52 नगर निकायों में 115 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर (Urban Health & Wellness Centres) की शुरुआत एक क्रांतिकारी कदम है। ये केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, योग, आयुर्वेद और पोषण पर फोकस करेंगे, विशेष रूप से शहरी गरीबों और वंचित वर्गों के लिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह आयुष्मान भारत योजना का हिस्सा है, जो निशुल्क जांच, दवाएँ और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करेगा। “स्वास्थ्य ही धन है। इन केंद्रों से लाखों परिवारों को सशक्त बनाया जाएगा, और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य असमानता को कम किया जाएगा।” राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक नगर निकाय में कम से कम दो ऐसे केंद्र स्थापित हों, जो टेलीमेडिसिन और मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों से जुड़े रहेंगे।

स्ट्रीट वेंडर्स का सशक्तिकरण: वृहत पंजीकरण अभियान और अंगीकार 2.0

फेरी व्यवसायियों (स्ट्रीट वेंडर्स) की आजीविका को मजबूत बनाने के लिए वृहत पंजीकरण अभियान लॉन्च किया गया। पीएम स्वनिधि योजना के तहत डिजिटल पंजीकरण, ऋण सुविधा और बीमा कवरेज प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही अंगीकार 2.0 योजना को अपग्रेड कर स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल मार्केटप्लेस से जोड़ा जाएगा, जिससे वे ऑनलाइन बिक्री कर सकेंगे। सीएम धामी ने कहा, “ये छोटे व्यवसायी शहरों की रीढ़ हैं। उन्हें संगठित कर आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार करेंगे।” अभियान के तहत 50,000 से अधिक वेंडर्स को लक्षित किया गया है, जिसमें प्रशिक्षण और बाजार लिंकेज शामिल हैं।

आवासीय क्रांति: 15,600 नए घरों का लोकार्पण

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बीएलसी (Beneficiary Led Construction) घटक से 15,600 नवनिर्मित आवासों का लोकार्पण एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। ये घर शहरी गरीबों, ईडब्ल्यूएस (Economically Weaker Sections) और स्लमवासियों के लिए हैं, जो पक्के निर्माण, बिजली-पानी और स्वच्छता सुविधाओं से लैस हैं। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से इनका उद्घाटन किया और लाभार्थियों को बधाई दी। “घर ही परिवार की पहचान है। इन आवासों से हजारों परिवारों का सपना साकार हुआ है।” राज्य में अब तक 1 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं, और 2025-26 तक 50,000 और जोड़े जाएँगे।

अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025: स्वच्छता के विजेताओं को सम्मान

स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगर निकायों को अटल निर्मल नगर पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार वितरण समारोह में सीएम धामी ने विजेताओं को सम्मानित किया:

  • नगर निगम श्रेणी: रुद्रपुर प्रथम, पिथौरागढ़ द्वितीय, कोटद्वार तृतीय।
  • नगर पालिका परिषद श्रेणी: मसूरी प्रथम, डोईवाला द्वितीय, भीमताल तृतीय।
  • नगर पंचायत श्रेणी: लालकुआं प्रथम, गुलरभोज द्वितीय, भिकियासैंण तृतीय।
  • छावनी परिषद श्रेणी: लैंसडाउन प्रथम, रानीखेत द्वितीय, रुड़की तृतीय।

ये पुरस्कार स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिक भागीदारी पर आधारित हैं। रुद्रपुर को प्रथम स्थान के लिए 50 लाख रुपये का अनुदान मिला। सीएम ने कहा, “स्वच्छता संस्कृति ही सच्ची प्रगति है। ये नगर निकाय पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।”

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन: 244 नए वाहनों को हरी झंडी

पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत बनाने हेतु 244 नए वाहनों (कचरा संग्रहण ट्रक, कम्पैक्टर आदि) को राज्य को समर्पित किया गया। मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर इन्हें रवाना किया। ये वाहन जीपीएस ट्रैकिंग से लैस हैं, जो वेस्ट-टू-वेल्थ मॉडल को बढ़ावा देंगे। “कचरा समस्या नहीं, संसाधन है। इन वाहनों से शहरी स्वच्छता 100% सुनिश्चित होगी।” राज्य सरकार ने 2025 तक सभी नगरों में वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।

युवाओं के हित में सीएम का भावुक संकल्प: “सर झुका सकता हूँ, मिटा भी सकता हूँ”

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में भड़के नकल मामले पर भी बात की। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की 21 सितंबर 2025 को आयोजित परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोपों पर युवाओं के विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और रिटायर्ड जज की अगुवाई में SIT गठित की गई। विपक्ष के राजनीतिकरण के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “विपक्ष युवाओं को ढाल बनाकर अराजकता फैला रहा है। जो CBI-ED पर सवाल उठाते थे, वे अब CBI जांच की मांग कर रहे हैं।”

सीएम ने भावुक होकर कहा, “युवाओं के हित में मैं सर झुका भी सकता हूँ और खुद को मिटा भी सकता हूँ।” उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को देहरादून के परेड ग्राउंड पर युवाओं से मुलाकात की, जहाँ CBI जांच की सिफारिश की गई। विरोध 10 अक्टूबर तक स्थगित हो गया। पिछले 4 वर्षों में 25,000 से अधिक पारदर्शी भर्तियाँ हुईं, और 100+ नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुँचाया गया। देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया। “अमृत काल में उत्तराखंड को नंबर वन राज्य बनाना है, और इसमें युवाओं की भूमिका अहम है।”

केंद्र-राज्य सहयोग: विकास का नया अध्याय

मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के मार्गदर्शन का आभार जताया। स्वच्छ भारत मिशन से लाखों शहरों में सफाई संस्कृति विकसित हुई, अमृत योजना से जलापूर्ति-सीवरेज मजबूत हुआ, और स्मार्ट सिटी मिशन से तकनीकी एकीकरण हो रहा है। पीएम आवास योजना से गरीबों को पक्के घर मिले। राज्य में स्मार्ट सिटी, स्वनिधि और अमृत मिशन जैसी योजनाओं से प्रत्येक नागरिक लाभान्वित हो रहा। भूस्खलन न्यूनीकरण के लिए 125 करोड़ की केंद्र सहायता भी प्राप्त हुई।

कार्यक्रम में उपस्थिति: गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा, सविता कपूर, देहरादून मेयर सौरभ थपलियाल, विभिन्न नगर निकायों के मेयर, शहरी विकास विभाग के सचिव नितेश कुमार झा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

निष्कर्ष: ये योजनाएँ उत्तराखंड को स्वच्छ, स्वस्थ और समावेशी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं। युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देकर सरकार ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता दिखाई। इन प्रयासों से न केवल शहरी जीवन स्तर ऊँचा होगा, बल्कि राज्य देश का सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य बनेगा। मुख्यमंत्री धामी की यह पहल ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को मजबूत करती है।

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