देहरादून, 1 अक्टूबर 2025: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून के हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, नींबूवाला में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के समस्त वरिष्ठ नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और वृद्धजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिक सम्मान संकल्प दिलाया, एक पेड़ माँ के नाम पर रोपा, और वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित निशुल्क एंबुलेंस वैन तथा वाकथन रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज के मजबूत स्तंभ हैं, जिनका अनुभव, ज्ञान और आशीर्वाद समाज को दिशा प्रदान करता है। उन्होंने कहा, “हमारे बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं। उनके मार्गदर्शन और अनुभवों से हमारा समाज समृद्ध होता है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी देखभाल, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करें।” उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वृद्धजनों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख:
मुख्यमंत्री ने अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, राष्ट्रीय वयोश्री योजना, और वृद्धावस्था पेंशन योजना जैसी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में लगभग 6 लाख वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत वृद्धजनों को सहायक उपकरण जैसे चश्मे, सुनने की मशीन, और व्हीलचेयर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस वर्ष 1,300 वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त मोतियाबिंद सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है।

वृद्धाश्रमों का सुदृढ़ीकरण:
राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में बागेश्वर, चमोली, और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं। देहरादून, अल्मोड़ा, और चंपावत में नए वृद्धाश्रम भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में केंद्र सरकार के सहयोग से एक मॉडल वृद्धाश्रम बनाया जा रहा है। इसके अलावा, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, और पिथौरागढ़ में वृद्धाश्रम स्थापना की प्रक्रिया गतिमान है।

जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण:
मुख्यमंत्री ने जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए विशेषज्ञों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस वर्ष 150 मास्टर ट्रेनर और केयर गिवर तैयार करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यह पहल बुजुर्गों को सम्मानजनक और स्वस्थ जीवन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कानूनी सुरक्षा:
वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण अधिनियम लागू किया गया है। यह अधिनियम सुनिश्चित करता है कि वृद्धजनों को उनके परिवार और समाज से उचित देखभाल और सम्मान मिले।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य:
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष रामचंद्र गौड़, उपाध्यक्ष शांति मेहरा, हरक सिंह नेगी, एससी आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार, सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, और निदेशक समाज कल्याण चंद्रसिंह धर्मशक्तू उपस्थित थे।
निष्कर्ष:
यह कार्यक्रम वृद्धजनों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को सम्मान, सुरक्षा, और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हों। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के इस आयोजन ने न केवल वृद्धजनों का सम्मान किया, बल्कि समाज को उनके योगदान को याद दिलाने का भी कार्य किया।








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