संवाददाता: प्रमोद शर्मा
स्थान: बरेली
बरेली में हाल के बवाल के बाद योगी सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को शहर की सड़कों पर यह संदेश स्पष्ट दिखाई दिया कि उपद्रव और अशांति फैलाने वालों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस और प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने न केवल अपराधियों को निशाने पर लिया, बल्कि सियासी गलियारों में भी हड़कंप मचा दिया।

पुलिस मुठभेड़ में बवाल का आरोपी गिरफ्तार
पुलिस की एक मुठभेड़ में बवाल का मुख्य आरोपी ताजीम गोली लगने के बाद पकड़ा गया। यह कार्रवाई साफ तौर पर दर्शाती है कि कानून के खिलाफ कदम उठाने वालों को अब कड़ी सजा भुगतनी होगी। पुलिस ने सख्त संदेश दिया है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
तौकीर रजा परिवार पर बड़ी कार्रवाई
इस कार्रवाई का सबसे बड़ा झटका तौकीर रजा के परिवार को लगा। तौकीर रजा के दामाद मोहसिन रजा को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके साथ ही, उनके 12×14 फीट के गैरेज को बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया गया। इतना ही नहीं, मोहसिन के रिसॉर्ट को भी प्रशासन ने सील कर दिया। तौकीर रजा के करीबी माने जाने वाले हाजी शराफत खान के स्वामित्व वाले “हमसफर पैलेस” (मैरिज लॉन) को भी प्रशासन ने सील कर दिया।

सियासी हलकों में चर्चा
यह कार्रवाई बरेली ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या यह केवल उपद्रवियों पर नकेल कसने की कार्रवाई है, या इसके पीछे कोई बड़ा सियासी संदेश छिपा है? योगी सरकार का बुलडोज़र अब न केवल अवैध कब्जों पर, बल्कि उन सियासी घरानों पर भी चल रहा है जो भीड़ की आड़ में कानून तोड़ने का दुस्साहस कर रहे हैं।
सरकार का सख्त रुख
योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून और व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में नहीं छोड़ा जाएगा। बुलडोज़र की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों, बल्कि उन ताकतों के लिए भी चेतावनी है जो कानून को ताक पर रखकर अपनी मनमानी करने की कोशिश करते हैं। बरेली में हुई इस कार्रवाई ने सत्ता और सियासत में एक नया संदेश दे दिया है—कानून से ऊपर कोई नहीं।









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