मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को प्रदेश में निर्माण और नव निर्माण कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून अवधि समाप्त हो चुकी है, इसलिए सभी विभागों को धरातल पर कार्यों में तेजी लानी होगी।

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा
बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सड़कों को निर्धारित समय सीमा में गड्ढा मुक्त किया जाए। उन्होंने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान देने को कहा, जहां से बार-बार सड़क संबंधी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने गड्ढा मुक्त सड़क अभियान की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने और 31 अक्टूबर 2025 तक पैच वर्क पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, डॉ. पंकज पांडेय, श्री विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक श्री ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, और अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों का उद्देश्य
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। सड़कों की स्थिति में सुधार और गड्ढा मुक्त अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों से न केवल जनता की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि राज्य की बुनियादी ढांचे की स्थिति भी मजबूत होगी।
यह कदम उत्तराखंड सरकार के उस संकल्प को दर्शाता है, जिसमें जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना शामिल है।








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