“सीएम धामी ने UKSSC परीक्षा की सीबीआई जांच की घोषणा की, मामले वापस लिए गए”

“सीएम धामी ने UKSSC परीक्षा की सीबीआई जांच की घोषणा की, मामले वापस लिए गए”

युवाओं के मन में किसी भी तरह का संदेह, शंका नहीं रखना चाहती है सरकार

"सीएम धामी ने UKSSC परीक्षा की सीबीआई जांच की घोषणा की, मामले वापस लिए गए"

सोमवार, 29 सितंबर 2025 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में आंदोलन कर रहे युवाओं के बीच पहुंचकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की हालिया परीक्षा में अनियमितताओं के मुद्दे पर युवाओं की चिंताओं को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की संस्तुति करने की घोषणा की। इसके साथ ही, उन्होंने आंदोलनकारी युवाओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने का आश्वासन दिया, जिससे सरकार की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत हुई।

"सीएम धामी ने UKSSC परीक्षा की सीबीआई जांच की घोषणा की, मामले वापस लिए गए"

परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री का आगमन

मुख्यमंत्री धामी ने अप्रत्याशित रूप से परेड ग्राउंड पहुंचकर आंदोलनकारी युवाओं से मुलाकात की, जो त्योहारी मौसम में भीषण गर्मी में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी भावनाओं को समझते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को इस तरह आंदोलन करते देख उन्हें स्वयं अच्छा नहीं लग रहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का एकमात्र संकल्प है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।

युवाओं की शिकायतें सुनने के बाद, उन्होंने हालिया UKSSSC परीक्षा में अनियमितताओं की गहन जांच की मांग को स्वीकार किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है और उनकी हर शंका को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सीबीआई जांच की संस्तुति

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले की जांच पहले से ही हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) द्वारा शुरू की जा चुकी है। हालांकि, युवाओं की सीबीआई जांच की मांग को देखते हुए, सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “इसमें कोई रुकावट नहीं आएगी। हम चाहते हैं कि युवाओं के मन में कोई संदेह या शंका न रहे।”

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले चार वर्षों में सरकार ने पारदर्शी तरीके से 25,000 से अधिक सरकारी भर्तियां पूरी की हैं, जिनमें कहीं कोई शिकायत नहीं आई। इस एक प्रकरण को छोड़कर, सरकार ने हमेशा निष्पक्षता बरती है।

धरना स्थल पर स्वयं पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि वह चाहते तो यह बातचीत उनके कार्यालय में भी हो सकती थी, लेकिन युवाओं के कष्ट को देखते हुए उन्होंने स्वयं धरना स्थल पर आने का फैसला किया। उन्होंने कहा, “मैं भी आपके बीच धरना स्थल पर आया हूं, क्योंकि मैं समझता हूं कि आपकी परेशानियों को सुनना और समाधान करना मेरी जिम्मेदारी है।”

उन्होंने युवाओं के सपनों और उनके सरकारी नौकरी की तैयारी में लगाए गए कठिन परिश्रम को समझते हुए कहा कि वह स्वयं ऐसी परिस्थितियों से गुजरे हैं और छात्रों के बीच काम करने का अनुभव रखते हैं।

सीबीआई जांच की घोषणा

आंदोलनकारियों पर मुकदमे वापस

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आंदोलन के दौरान यदि युवाओं पर कोई मुकदमा दर्ज हुआ है, तो उसे वापस लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को परेशान करना नहीं, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करना है। यह कदम युवाओं में सरकार के प्रति विश्वास को और मजबूत करने में मदद करेगा।

उत्तराखंड के युवाओं की भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतकाल में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को सकारात्मक दिशा में लगाएं, ताकि उत्तराखंड और देश को विश्व गुरु बनाने के सपने को साकार किया जा सके।

सरकार की पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले सप्ताह भी जब युवा उनसे मिले थे, तब उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि सरकार युवाओं के मन में कोई अविश्वास या संदेह नहीं चाहती। इसीलिए, बिना किसी पूर्व सूचना के वह परेड ग्राउंड पहुंचे, ताकि युवाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझ सकें। उन्होंने कहा कि यह एकमात्र प्रकरण है जिसमें शिकायत सामने आई है, और सरकार इसे गंभीरता से ले रही है।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का परेड ग्राउंड में आंदोलनकारी युवाओं के बीच पहुंचना और सीबीआई जांच की संस्तुति करना उनकी जन-केंद्रित शासन शैली का प्रमाण है। आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने का निर्णय भी सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह कदम न केवल UKSSSC परीक्षा प्रकरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं में सरकार के प्रति विश्वास को और मजबूत करेगा। उत्तराखंड सरकार की यह पहल युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

One response to ““सीएम धामी ने UKSSC परीक्षा की सीबीआई जांच की घोषणा की, मामले वापस लिए गए””

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Author

https://m7.media9news.com/media9/hls/jnnews.m3u8