उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार, 29 सितंबर 2025 को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से डॉ. भीमराव अम्बेडकर समाज कल्याण बहुउद्देशीय शिविर रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल उत्तराखंड सरकार की उन कल्याणकारी योजनाओं का हिस्सा है, जो समाज के गरीब, जरूरतमंद, और वंचित वर्गों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई हैं। इस रथ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
शिविर रथ का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह रथ अगले 125 दिनों तक उत्तराखंड के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। इस दौरान 240 बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनका मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित है:
- कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना: केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना।
- समस्याओं का त्वरित समाधान: ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर स्थानीय समस्याओं का मौके पर निवारण करना, ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
- जागरूकता फैलाना: ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सरकारी योजनाओं और उनके लाभों के बारे में जागरूक करना, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।
- वंचित वर्गों का उत्थान: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, और अन्य backward वर्गों के लिए विशेष रूप से योजनाओं का प्रचार-प्रसार और कार्यान्वयन करना।

मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री धामी ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन शिविरों में जनपदों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर दिया कि:
- प्रत्येक शिविर में लाभार्थियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए।
- योजनाओं से संबंधित आवेदनों को तुरंत प्रोसेस किया जाए और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए।
- शिविरों का आयोजन इस तरह से हो कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अधिकतम सुविधा मिले और उनकी शिकायतों का समाधान मौके पर ही हो सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और जनता के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस रथ को “जनसेवा का रथ” करार देते हुए कहा कि यह समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की पहुंच सुनिश्चित करेगा।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम पर रथ
इस रथ का नामकरण भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम पर किया गया है, जो सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक रहे हैं। उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरित होकर, यह रथ उन लोगों तक पहुंचेगा जो सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित हैं। यह पहल न केवल योजनाओं का लाभ पहुंचाएगी, बल्कि सामाजिक समावेश और समानता को बढ़ावा देने में भी योगदान देगी।
आयोजन में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस शुभारंभ अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
- श्री देशराज कर्णवाल, समाज कल्याण अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष
- श्री शोभाराम प्रजापति, माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष
- श्री प्रणव चैंपियन, पूर्व विधायक
इनके साथ अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे इस पहल की महत्ता और व्यापकता का पता चलता है।
उत्तराखंड सरकार की अन्य कल्याणकारी पहल
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- नई शिक्षा नीति का कार्यान्वयन: उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने नई शिक्षा नीति को लागू किया।
- मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और जूट बैग: कक्षा 1 से 12 तक के सरकारी स्कूलों के छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को जूट बैग प्रदान किए जा रहे हैं।
- मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना: मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति और भारत भ्रमण का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
- नकल विरोधी कानून: देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर पिछले चार वर्षों में 25,000 से अधिक अभ्यर्थियों को योग्यता के आधार पर नौकरियां प्राप्त हुई हैं।
अपेक्षित प्रभाव
डॉ. भीमराव अम्बेडकर समाज कल्याण बहुउद्देशीय शिविर रथ उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखता है। यह रथ न केवल सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं की उपलब्धता को भी बढ़ाएगा। इसके माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।








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