दो करोड़ में अधूरा बांध, सैदापुर-बाकरगंज डूबे – शाहपुर मार्ग पर थमा आवागमन, फसलें जलमग्न।1

दो करोड़ में अधूरा बांध, सैदापुर-बाकरगंज डूबे – शाहपुर मार्ग पर थमा आवागमन, फसलें जलमग्न।1

फरीदपुर (बरेली)। बैराज से छोड़े गए पानी और बीते दिनों हुई लगातार बारिश के बाद बरेली जिले की नदियां इस समय तूफान पर बह रही हैं। फरीदपुर तहसील क्षेत्र में बहगुल नदी ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। शनिवार को सैदापुर गाँव समेत कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए। शाहपुर-बनियान मार्ग पर पानी का तेज बहाव इतना खतरनाक रहा कि वहां से गुजरने वाले लोग जान जोखिम में डालकर गिरते-पड़ते नजर आए।

दो करोड़ में अधूरा बांध, सैदापुर-बाकरगंज डूबे – शाहपुर मार्ग पर थमा आवागमन, फसलें जलमग्न।

दो करोड़ में अधूरा बांध, सैदापुर-बाकरगंज डूबे – शाहपुर मार्ग पर थमा आवागमन, फसलें जलमग्न।

अंततः प्रशासन को यह मार्ग बंद करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ से बचाव के लिए शासन से आए दो करोड़ रुपये का सही इस्तेमाल नहीं हुआ। बाँध न तो सही जगह बना और न ही पूरा। जैसे ही नदी ने रौद्र रूप लिया, अधूरा बाँध टूट गया और पानी गाँव में घुस आया। खेतों में खड़ी तिल, धान और गन्ने की फसलें डूबकर बर्बाद हो गईं। शुक्रवार रात से ही ग्रामीण कट्टों में मिट्टी भरकर बाँध को बचाने में जुटे, लेकिन बहगुल नदी की धार ने सब प्रयास ध्वस्त कर दिए।

राजन बाबू ने बताया, “हमने दिन-रात मेहनत की, लेकिन पानी ने सब बहा दिया। दो करोड़ की लागत धरी की धरी रह गई। बाढ़ का असर सिर्फ सैदापुर तक सीमित नहीं रहा। नजदीकी बाकरगंज गाँव भी पानी की चपेट में आ गया और गाँव की सैकड़ों बीघा जमीन पर खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं। किसानों के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग समय रहते मजबूत बाँध बनाता तो इतनी बड़ी तबाही न होती। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बरेली, एसडीएम फरीदपुर मल्लिका नैयन, तहसीलदार और विभागीय अफसर मौके पर पहुँचे।

एडीएम ने स्वास्थ्य शिविर स्थापित कराने और प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि फसलों का सर्वे कराया जा रहा है और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा। गाँवों में इस समय भय और आक्रोश दोनों हावी हैं। एक ओर लोग बाढ़ के बढ़ते पानी से डरे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर विभागीय लापरवाही पर नाराज हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बहगुल नदी तबाही मचाती है, लेकिन इस बार दो करोड़ खर्च होने के बावजूद सैदापुर और बाकरगंज जैसे गाँव डूबे हैं। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर चले जाते हैं, जवाबदेही कभी तय नहीं होती। फरीदपुर तहसील के हालात साफ दिखा रहे हैं कि प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ प्रशासनिक लापरवाही ने भी ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। अधूरे और गलत जगह बने बाँध ने सुरक्षा देने के बजाय विनाश का रास्ता खोल दिया। अब जबकि गाँव जलमग्न हैं, फसलें डूब चुकी हैं और लोग जान बचाने में लगे हैं, तब सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदार कौन और कब उन पर जवाब देही तय होगी।

One response to “दो करोड़ में अधूरा बांध, सैदापुर-बाकरगंज डूबे – शाहपुर मार्ग पर थमा आवागमन, फसलें जलमग्न।1”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Author

https://m7.media9news.com/media9/hls/jnnews.m3u8