बरेली थाना फरीदपुर क्षेत्र के टांडा सिकंदर में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के समान ग्राम प्रधान का चेहरा आज सवालों के घेरे में है। प्रधान, जिन्हें जनता ने सेवा और सुरक्षा के लिए चुना था, उन पर ही दबंगई और अत्याचार का आरोप लगना एक गहरी राजनीतिक विडंबना है।

बरेली थाना फरीदपुर क्षेत्र का मामला
पीड़ित देशपाल ने साफ़ कहा कि जब वह रात आठ बजे अपने घर लौट रहा था, तभी ग्राम प्रधान सीताराम ने उसे रोककर थप्पड़ जड़ दिया। विरोध की आवाज़ उठी तो सत्ता के मद में चूर प्रधान ने अपने बेटे सचिन और अन्य साथियों को बुलाकर निर्दोष पर लाठी-डंडों की बौछार कर दी।

सिर से बहता खून और पीड़ा की चीखें ग्रामीण लोकतंत्र की कलई खोल रही थीं। यहीं नहीं रुके प्रधान, पीड़ित को अपने घर ले जाकर जबरन शराब पिलाना और दुबारा पीटना इस बात का प्रतीक है कि सत्ता जब बेलगाम हो जाए, तो इंसाफ की चौखट भी कांपने लगती है। ग्रामीणों ने पूरी घटना देखी, पर दबंगई का भय सबके चेहरों पर साफ झलकता रहा। देशपाल ने थाने में शिकायती पत्र देकर यह साफ़ कर दिया है कि उसे लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। थाना प्रभारी राधेश्याम ने कहा है कि जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।








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