बरेली नगर की गलियों और मोहल्लों में फैली गंदगी को लेकर आखिरकार नगर पालिका परिषद हरकत में आ ही गई। शनिवार को अधिशासी अधिकारी पुनीत कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक सुरजीत सिंह चौहान और पूरी टीम ने जब मोहल्ला ऊँचा मैन रोड, परा जाटवान और मिर्धन मोहल्लों का औचक निरीक्षण किया तो नगर की सफाई व्यवस्था की सच्चाई खुलकर सामने आ गई।

जाँच में जहाँ तहाँ गंदगी और अनुपस्थित कर्मचारी मिले, जिसके बाद अधिशासी अधिकारी ने साफ संदेश दिया “वेतन काटो, कार्रवाई करो और सफाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।” यह आदेश केवल एक चेतावनी नहीं बल्कि आने वाले दिनों में नगर पालिका की कार्यप्रणाली की कसौटी साबित होगा। पालिका प्रशासन ने पहली बार स्पष्ट किया है कि जनता से वसूला जाने वाला कर केवल कागजों पर सफाई दिखाने के लिए नहीं, बल्कि जमीन पर चमकता हुआ फरीदपुर दिखाने के लिए है। मोहल्लों में गंदगी मिलने पर संबंधित सफाई नायकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

दरअसल, फरीदपुर नगर की सफाई व्यवस्था लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रही है। कर्मचारी हाजिरी लगाकर नदारद हो जाते हैं, नालियाँ बदबू मारती हैं और मोहल्लों में जगह-जगह कूड़े के ढेर आम दृश्य बन गए हैं। यही कारण है कि पालिका की सख्ती अब जनता के लिए उम्मीद की किरण साबित हो रही है। पालिका प्रशासन की यह मुहिम तभी असरदार होगी जब यह अभियान एक दिन की दिखावेबाजी न बनकर लगातार चलने वाली कार्ययोजना बने। फरीदपुर के नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ माहौल देना प्रशासन की जिम्मेदारी है, और लापरवाह कर्मचारियों पर गाज गिराना इसकी पहली सीढ़ी।









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