बुधवार 20 अगस्त को जनपद चंदौली के कलेक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान बरहनी ब्लॉक के लगभग 12 गाँवों के किसानों ने डीएम चंदौली के सामने 6 हजार हेक्टेयर जमीन पर उद्योग लगाने हेतु किए जा रहे जमीन अधिग्रहण का विरोध जताया।

किसानों ने क्रमवार अपनी-अपनी समस्याएं रखीं
किसानों ने क्रमवार अपनी-अपनी समस्याएं रखीं और कहा कि यदि उपजाऊ जमीन अधिग्रहित हुई तो क्षेत्र के छोटे-बड़े किसान पूरी तरह भूमिहीन हो जाएंगे। किसानों ने स्पष्ट कहा कि यह क्षेत्र नरवन धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, यही उनकी आय का मुख्य स्रोत है जिससे परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और बेटियों की शादी-ब्याह तक संपन्न होता है।

डीएम चंदौली ने किसानों की बातें सुनते हुए आश्वासन दिया कि “अभी तक मेरे संज्ञान में ऐसी कोई अधिग्रहण प्रक्रिया नहीं आई है। यदि इस संबंध में कोई प्रस्ताव आता है तो किसानों को बुलाकर बैठक कराई जाएगी।”
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की कि उद्योगों की स्थापना सिंचित उपजाऊ भूमि पर न की जाए, बल्कि उसे कहीं ‘उसरी जमीन’ (बंजर भूमि) पर स्थानांतरित किया जाए।

इस मौके पर किसान नेता वीरेंद्र सिंह, मुन्ना सिंह, आलोक सिंह, दिलीप सिंह, विजयी यादव, रोहित सिंह समेत कई किसान मौजूद रहे।








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